PM Kisan Samman Nidhi Yojna : जानें अब क्या है इस योजना के लाभ लेने का नियम, बस इन्हीं किसानों के खाते में आएंगे पैसे - Jai Bharat Express

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PM Kisan Samman Nidhi Yojna : जानें अब क्या है इस योजना के लाभ लेने का नियम, बस इन्हीं किसानों के खाते में आएंगे पैसे



 PM Kisan Samman Nidhi Yojna : पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर है। मोदी सरकार (Central Government) ने पीएम सम्मान निधि के नियमों में बदलाव किया है। सरकार अब फर्जी किसानों (Farmers) पर चाबुक चलाने की तैयारी में है। सरकार फर्जी किसानों को लिस्ट से निकालने के लिए यह सब कर रही है। मोदी सरकार ने कहा है कि अब सालाना 6 हजार रुपये सिर्फ उन्हीं किसानों के खातों में जाएंगे जिनके नाम से खेत-खसरा होगा। सरकार ने यह फैसला (Pm Kisan Yojana) पीएम किसान योजना में गड़बड़ियों की शिकायत के आधार पर किया है।

पुराने लाभार्थी किसानों पर नहीं पड़ेगा कोई असर

अब जिन किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ होगा, उन्हें अपने नाम के खेत का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) भी कराना होगा। अभी फिलहाल ऐसे कई किसान हैं जिन्होंने म्यूटेशन नहीं कराया है और इस स्कीम का लाभ ले रहे हैं। हालांकि सरकार के इन नियमों से पुराने लाभार्थी किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, यानी नए किसानों पर यह नियम लागू होगा। उन्हें स्कीम के लिए आवेदन करने के लिए म्यूटेशन अपने नाम से कराना होगा।

ये हुआ है बदलाव

पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए अब नए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराते वक्त आवेदन फॉर्म में अपनी जमीन के प्लॉट नंबर की भी जानकारी देनी होगी। जिन परिवारों के नाम संयुक्त जमीन है, उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए अपने नाम से जमीन का कुछ हिस्सा कराना होगा। अगर किसानों ने कोई जमीन खरीदी है तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।

अब इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ

सरकार की इस स्कीम का फायदा उन किसानों को नहीं मिलेगा जो अपना पिता-दादा किसी रिश्तेदार के नाम की जमीन पर खेती करते हैं। मतलब जमीन खेतिहर जमीन किसान के नाम ही होनी चाहिए। अगर कोई किसान किसी दूसरे किसान की जमीन पर खेती करता है तो उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए लैंड ओनरशिप बहुत जरूरी है। अगर कोई किसान किसी संवैधानिक पद पर है और उसके नाम पर जमीन है और वह खेती करता है तो उसे भी इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। यदि कोई किसान योजना का लाभ ले रहा है और उस किसान की मृत्यु हो गयी तो इस योजना का लाभ किसान की पत्नी और बच्चों को दिया जायेगा।

जानें पूरी योजना के बारे में

पीएम किसान सम्मान निधि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस स्कीम के तहत सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी आय दोगुनी करने का था। इसके तहत केंद्र सरकार किसानों को सालाना 6,000 रुपये मुहैया कराती है। सरकार ये 6,000 रुपये साल भर में 3 किस्तों में देती है। 4 महीने में एक किस्त आती है। हर किस्त में 2,000 रुपये किसानों के खाते में सीधे जमा होते हैं।

ऐसे पा सकते हैं इस योजना का नाम

पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए उपयुक्त लाभार्थी को ऑनलाइन अप्लाई करना होता है। इसके आधार पर राज्य सरकार रेवेन्यू रिकॉर्ड, आधार नंबर और बैंक अकाउंट नंबर का वेरिफिकेशन करती है। राज्य सरकार जब तक आपके अकाउंट को वेरिफाई नहीं करती। तब तक पैसे नहीं आते। जैसे ही राज्य सरकार वेरिफाई कर देती है तो फिर Fund Transfer Order (FTO) जेनरेट हो जाता है। इसके बाद केंद्र सरकार अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर देती है।

अब तक किसानों के खाते में इतना पैसा जमा करवा चुकी है सरकार

पीएम किसान सम्मान निधि की सातवीं किस्त जारी हो चुकी है। पीएम मोदी ने इस स्कीम के तहत 18,000 करोड़ रुपये की एकमुश्त रकम जारी की है। केंद्र सरकार के मुताबिक अब तक इस स्कीम के तहत 10.60 करोड़ किसानों को 95,000 करोड़ रुपये की रकम जारी की जा चुकी है।

इस नंबर पर होगा समस्या का समाधान

अगर आप इस योजना में रजिस्टर्ड हैं और आपके खाते में 2000 रुपये की किस्त नहीं आई तो टोल फ्री नंबर पर बात रख सकते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। किसान पीएम-किसान हेल्पलाइन 155261 या टोल फ्री 1800115526 नंबर पर फोन कर सकते हैं। कृषि मंत्रालय के नंबर 011-23381092 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

ऐसे खुलवा सकते हैं नया खाता

पीएम-किसान योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को इस स्कीम में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है। इसके लिए किसान के पास आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता जरूर होना चाहिए। बैंक खाते को आधार नंबर से जोड़ना जरूरी है। क्योंकि सरकार पीएम-किसान की किस्त डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करती है। इन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर ग्राम पंचायत सचिव या रोजगार सहायक से मदद ली जा सकती है।