16 अस्‍पतालों में सिर्फ 1 घंटे के लिए बची है ऑक्‍सीजन, एजेंसी संचालक का मोबाइल बंद - Jai Bharat Express

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16 अस्‍पतालों में सिर्फ 1 घंटे के लिए बची है ऑक्‍सीजन, एजेंसी संचालक का मोबाइल बंद

 


पटना. बिहार में कोरोना वायरस के चलते फैला संक्रमण भयावह हो गया है. अन्‍य प्रदेशों की तरह राजधानी पटना के अस्‍पतालों में भी ऑक्‍सीजन का संकट (Oxygen crisis in Patna) गहरा गया है. जानकारी के मुताबिक, ऑक्‍सीजन की कमी को लेकर 16 अस्‍पतालों ने अलर्ट जारी किया है. इसमें कहा गया है कि अस्‍पताल में महज एक से डेढ़ घंटे तक के लिए ऑक्‍सीजन बची है. अगर ऑक्‍सीजन की आपूर्ति तत्‍काल नहीं की गई तो गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है. IGIMS के अधीक्षक ने फौरन 250 लीटर ऑक्‍सीजन की मांग की है. उनका कहना है कि हॉस्पिटल में सिर्फ एक घंटे के लिए ही ऑक्‍सीजन बची है. विभिन्‍न अस्‍पताल प्रबंधकों का दावा कि ऑक्‍सीजन मुहैया कराने वाली एजेंसी ने आपूर्ति नहीं की है. साथ ही एजेंसी के 

संचालक का मोबाइल भी बंद आ रहा है.बता दें कि आईजीआईएमएस (IGIMS), पीएमसीएच, एनएमसीएच, पटना एम्‍स, जीजीएस पटना सिटी, गार्डिनर अस्पताल आदि शहर के बड़े अस्‍पताल हैं. ये सब पिछले कई दिनों से ऑक्‍सीजन की कमी से जूझ रहे हैं. हालांकि राज्‍य सरकार लगातार इस संकट हो हल करने में जुटी हुई है, लेकिन हालात सुधर नहीं रहे हैं.

पीएम केयर फंड से लगेंगे ऑक्‍सीजन प्‍लांट
कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामले और अस्पतालों में हो रही ऑक्सीजन की भारी किल्लत ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है. ऑक्सीजन की हो रही भारी किल्लत को देखते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने देश भर में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लिया है. देश भर में 551 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाये जाएंगे जिसमे 15 प्लांट बिहार में लगाये जाएंगे. बिहार में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की पूरी राशि पीएम केयर फंड से दी जायेगी.
पीएम केयर फंड से बिहार के पटना, गया, भोजपुर, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, मधुबनी, मुज़फ़्फ़रपुर, पूर्णियां, सहरसा, गोपालगंज, कटिहार और पश्चिम चंपारण में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी है. बता दें कि बिहार में 15 जिलो में लगने वाले सभी ऑक्सीजन प्‍लांट जिलों के सदर अस्पताल में लगाये जाएंगे, जिससे पूरे जिले में आपूर्ति की जाएगी. इसके लिए सरकार ने अस्पतालों में जगह तलाशना शुरू कर दिया है और जल्द से टेंडर घोषित कर पूरी प्रकिया को पूरा कर लिया जाएगा. फिलहाल बिहार में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट नहीं होने के कारण झारखंड और बंगाल से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है.