क्या डायबिटीज के मरीज रमजान में रोजे रख सकते हैं? जानिए शुगर के मरीजों से जुड़े सवालों के जवाब - Jai Bharat Express

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क्या डायबिटीज के मरीज रमजान में रोजे रख सकते हैं? जानिए शुगर के मरीजों से जुड़े सवालों के जवाब

 




Ramadan 2021: इंसुलिन पर निर्भर या खास दवाइयों का इस्तेमाल करनेवाले लोगों के लिए ये मुश्किल हो सकता है. ऐसी हालत में शुगर लेवल की निरंतर मॉनिटरिंग जरूरी हो जाती है. विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज टाइप 1 मरीजों को रोजा नहीं रखना चाहिए, जबकि डायबिटीज टाइप 2 के मरीज रोजा रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

Ramadan 2021: फर्ज होने की वजह से रमजान के महीने में हर मुसलमान रोजा रखना चाहता है. लेकिन डायबिटीज के मरीजों को कई सवाल हो सकते हैं. मिसाल के तौर पर सेहतमंद ब्लड शुगर लेवल के लिए क्या करना चाहिए. बेहतर है कि डॉक्टर के बताए सुझाव, चंद सेहतमंद आदत पर अमल करें, तो रोजे के फायदे हासिल किए जा सकते हैं. जानकारों का कहना है कि रोजा रखने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.


शुगर लेवल में कमी या वृद्धि के लक्षण
खून में शुगर लेवल की कमी के कई लक्षण हैं, जैसे बहुत ज्यादा पसीना आना, सर्दी लगना, तेज भूख की इच्छा, धुंधलापन, दिल की धड़कन की रफ्तार का तेज होना और चक्कर शामिल हैं, जबकि शुगर लेवल में वृद्धि से मरीज को होंठ का सूख होना और बार-बार पेशाब की शिकायत होती है. सुझाव दिया जाता है कि शुगर के मरीजों को रमजान के महीने में प्रोटीन और फाइबर से भरपूर फूड का इस्तेमाल करना चाहिए. डायबिटीज के मरीज रमजान के दौरान हर तरह के फूड का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन आहार संतुलित हो.


डायबिटीज में कैसे करें सेहरी
शुगर के मरीजों को सलाह दी जाती है कि सबसे पहले खुद को रोजा रखने के लिए मानसिक तौर पर तैयार करें. रमजान शुरू होने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह पर दवाइयों और फूड की लिस्ट और इस्तेमाल करने का तरीका तैयार कर लें. सेहरी में देर से पचनेवाले फूड का इस्तेमाल करें. आम स्थिति में शुगर के मरीज पराठा नहीं खा सकते, लेकिन सेहरी में कम तेल से बना हुआ पराठा इस्तेमाल कर सकते हैं. देर से पचनेवाले फूड में हलीम भी शामिल है. हलीम में मांस और दालों की वजह से फाइबर बहुत ज्यादा पाया जाता है, जिसके नतीजे में देर तक भूख नहीं लगती.


कोलेस्ट्रोल बढ़ने की आशंका के मद्देनजर अंडे का इस्तेमाल न करें. हालांकि, आधी जर्दी के साथ अंडा खाया जा सकता है. अंडे का इस्तेमाल किसी अन्य फूड के साथ मिलाकर भी किया जा सकता है. ज्यादा प्यास लगनेवाले डायबिटीज के मरीजों को सेहरी में इलाइची का कहवा इस्तेमाल करना चाहिए. इलाइची के कहवे में थोड़ा दूध भी शामिल किया जा सकता है या फिर नमकीन लस्सी को भी जोड़ा जा सकता है. सेहरी में कस्टर्ड या किसी भी तरह के मीठे फूड का इस्तेमाल न करें.


डायबिटीज में कैसे करें इफ्तार
डायबिटीज के मरीज अपना रोजा खजूर से खोल सकते हैं. रिसर्च से साबित हुआ है कि एक खजूर में 6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स पाया जाता है. खजूर में मिनरल्स, फाइबर, फॉस्फोरस और पोटैशियम भी होता है. पोटैशियम थकान दूर करने का काम करता है. रोजा खोलते हुए डायबिटीज के रोगी एक खजूर खा सकते हैं और शुगर लेवल संतुलित होने पर 2 खजूर भी खा सकते हैं.


इफ्तार के दौरान फलों का चाट बिना शुगर, क्रीम और दूध के खाया जा सकता है. फलों में थोड़ा नींबू का रस भी शामिल किया जा सकता है. तेल, नमक, लाल मिर्च और शुगर वाले फूड ज्यादा मात्रा में खाने से परहेज करना चाहिए. रात को भूख लगने पर एक रोटी सलाद और रायता के साथ खा सकते हैं. चावल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन एक प्लेट से ज्यादा नहीं. रात को सोने से पहले भूख का एहसास होने पर एक ग्लास दूध बिना शुगर के पी सकते हैं. इफ्तार के बाद और डिनर से पहले 30 मिनट की चहलकदमी जरूरी है.