देश में कोरोना की रफ्तार में आई कमी! मई महीने में पहली बार 2.50 लाख से नीचे नए केस, मौत के आंकड़ों में भी गिरावट - Jai Bharat Express

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देश में कोरोना की रफ्तार में आई कमी! मई महीने में पहली बार 2.50 लाख से नीचे नए केस, मौत के आंकड़ों में भी गिरावट



Coronavirus In India 23 May Updates: कोरोना की रफ्तार पर काबू पाने के लिए देश के ज्यादातर राज्यों में लगे लॉकडाउन (Lockdown) जैसे पाबंदियों का असर अब दिखने लगा है. भारत में कोरोना की दूसरी लहर में लगातार कमी आ रही है. बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 2.40 लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज किये गए और इस दौरान 3700 से ज्यादा की जान चली गई. मई महीने में ऐसा पहली बार हुआ है आंकड़े 2.50 लाख से नीचे आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना के 2,40,842 नए मामले सामने औए और इस दौरान 3,741 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही देश में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 2,65,30,132 पहुंच गया है और अब तक 2,99,266 लोग इस जानलेवा वायरस के शिकार हो चुके हैं. भारत में कोरोना के अभी 28,05,399 एक्टिव मरीज हैं और 2,34,25,467 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं.
कोरोना की रफ्तार में आई कमी
देश के अधिकतर हिस्से में कोविड 19 की स्थिति में स्थिरता आ रही है, लेकिन इस लहर से लड़ाई में अभी लंबा सफर तय करना है, क्योंकि संक्रमण की दर 382 जिलों में अब भी 10 फीसदी से ऊपर है.
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों पर पाबंदियां लगाकर तथा निरूद्ध क्षेत्र एवं देखभाल के उपायों को अपनाकर भारत इस महामारी पर अभी तक लगाम कसने में सफल रहा है.
उन्होंने कहा, ‘देश के बड़े हिस्से में महामारी की स्थिति में सुधार आ रहा है, संक्रमण की दर और एक्टिव मामलों की संख्या कम हो रही है और मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ रही है. यह भी देखा जा रहा है कि दूसरे राज्यों में बढ़ोतरी भी हुई है, इसलिए यह मिला-जुला परिदृश्य है, लेकिन इस लहर से निपटने में हमें लंबा सफर तय करना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि हम जो कदम उठाते हैं, उनमें कोई ढिलाई नहीं हो.’
उन्होंने कहा, ‘स्थिति में सुधार आ रहा है लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि संचरण की श्रृंखला टूटी रहे. संक्रमण की दर 382 जिलों में अब भी 10 फीसदी से ऊपर है, इसलिए इस लहर से लड़ने में अभी लंबा सफर तय करना है.’ स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले 20 दिनों में कोविड-19 के उपचाराधीन मामलों की संख्या में लगातार कमी आई है.
उन्होंने कहा, ‘तीन मई को 17.13 फीसदी मामले सामने आए थे और अब देश में कुल संक्रमण का 11.12 फीसदी मामला उपचाराधीन है. मरीजों के ठीक होने की दर भी सुधर रही है. तीन मई को ठीक होने की दर, जहां 81.7 फीसदी थी, वहीं वह अब बढ़कर 87.76 फीसदी हो गई है.’ अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 की संक्रमण दर 10 मई को 24.83 प्रतिशत से कम होकर 22 मई को 12.45 फीसदी रह गई है.
उन्होंने कहा, ‘मौतों के मामले में भी धीमे लेकिन अपेक्षाकृत बेहतर रुख दिख रहा है और अधिकतर मौतें 6 राज्यों –महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली में सामने आ रही हैं.’ उन्होंने कहा, ‘आठ राज्यों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से अधिक है जबकि 18 राज्यों में संक्रमण दर 15 फीसदी से अधिक है.’
टीके की बर्बादी पर उन्होंने कहा कि कोविशील्ड की बर्बादी की दर एक मार्च को 8 प्रतिशत से कम होकर अब एक प्रतिशत रह गई है, वहीं कोवैक्सीन की बर्बादी दर इसी अवधि में 17 फीसदी से घटकर चार फीसदी रह गई है. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने स्पष्ट किया कि बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाओं का भी टीकाकरण कराया जा सकता है.
उन्होंने कहा, ‘इस तरह की खबरें थीं कि टीका लगवाने वाली माताओं को कुछ दिनों के लिए अपने बच्चों को स्तनपान नहीं कराना चाहिए लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि स्तनपान नहीं रोकना चाहिए और इसे जारी रखना चाहिए.’ पॉल ने कहा, ‘किसी भी हालत में एक घंटे के लिए भी स्तनपान नहीं रोका जाना चाहिए.’
बच्चों में कोविड-19 के बारे में पॉल ने कहा कि 10 से 17 वर्ष के बच्चों में सीरोपॉजिटिविटी की दर अमूमन वही है जो 30 से 40 वर्ष के लोगों के बीच है और बच्चों में भी संक्रमण हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘जब बच्चों में संक्रमण होता है तो लक्षण न्यूनतम होते हैं, बहुत मध्यम स्तर का संक्रमण होता है या लक्षण नहीं के बराबर होते हैं और संक्रमण बहुत कम होने के कारण उनमें मृत्यु दर भी बहुत कम है.’
उन्होंने कहा, ‘बच्चों में कोविड बीमारी को लेकर प्रोटोकॉल है. बच्चों को संक्रमण से बचाना भी काफी जरूरी है ताकि वे संचरण श्रृंखला का हिस्सा नहीं बनें.’