नहीं रहीं स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी, 92 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

नहीं रहीं स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी, 92 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

नहीं रहीं स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी, 92 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा।






भावपूर्ण श्रद्धांजलि, ॐ शांति !






नई दिल्ली
|नहीं रहीं स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी, 92 साल की उम्र में दुनियाको कहा अलविदा, लता मंगेशकर लगभग एक महीने से बीमार चल रही थीं, उन्हें 8 जनवरी को मुंबई के ब्रीच क्रैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।लता मंगेशकर को कोरोना के साथ निमोनिया हुआ था। लता जी की उम्र को देखते हुए डॉक्टर्स ने उन्हें आईसीयू में एडमिट किया था।तभी से वो लगातार संघर्ष ही कर रही थीं, भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी का निधन हो गया है। 92 साल की उम्र में लता मंगेशकर ने अंतिम सांस ली है, लता मंगेशकर जी के निधन की खबर से मनोरंजन जगत में मातम छा गया है।


लता मंगेशकर को हुआ था कोरोना

लता मंगेशकर लगभग एक महीने से बीमार चल रही थीं, 8 जनवरी को कोरोना संक्रमित होने के बाद लता मंगेशकर को मुंबई के ब्रीच क्रैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लता जी को कोरोना के साथ निमोनिया भी हुआ था, लता दीदी की उम्र को देखते हुए डॉक्टर्स ने उन्हें आईसीयू में एडमिट किया था। तभी से वह लगातार संघर्ष ही कर रही थीं,इलाज के दौरान 2 दिन के लिए उन्हें वेंटिलेटर से हटाया गया था। वेंटिलेटर से हटाते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी फिर से लता को वेंटिलेटर सपोर्ट पर लाया गया था।



लता मंगेशकर का असली नाम क्या था।

आप में से बहुत कम लोग ऐसे होंगे, जिन्हें उनके नाम से जुड़ी असली कहानी पता होगी। लता का असली नाम कुमारी लता दीनानाथ मंगेशकर था। लता मंगेशकर के पिता का नाम पंडित दीनानाथ मंगेशकर था। उनके पिता मराठी थियेटर के मशहूर एक्टर और नाट्य संगीत म्युजिशियन थे।

इसलिये संगीत की कला उन्हें विरासत में मिली थी, लता जी के पिता को अपने पिता के पक्ष से ज्यादा माता पक्ष से लगाव था। दीनानाथ की मां येसूबाई देवदासी थीं, वो गोवा के मंगेशी गांव में रहती थीं। वो भी मंदिरों में भजन-कीर्तन कर जिंदगी का गुजारा करती थीं, बस यहीं से दीनानाथ को मंगेशकर नाम का टाइटल मिला, जन्म के समय लता जी का नाम हेमा रखा गया था।


पर एक बार उनके पिता दीनानाथ ने भावबंधन नाटक में काम किया जिसमें एक फीमेल कैरेक्टर का नाम लतिका था।लता जी के पिता को ये नाम इतना पसंद आया कि उन्होंने जल्दी से अपनी बेटी हेमा का नाम बदलकर लता रख दिया, ये वही छोटी हेमा है, जिसे पूरी दुनिया आज लता मंगेशकर के नाम से जानती है।




लता मंगेशकर ने 25 हजार से ज्यादा गाने गाए

लता मंगेशकर का म्यूजिक इंडस्ट्री में योगदान अतुलनीय था,जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता। 78 साल के करियर में लता मंगेशकर ने 25 हजार से ज्यादा गाने गाए, लता को कई सारे पुरस्कारों से नवाजा गया था, वे तीन बार नेशनल अवॉर्ड विनर रही थीं,इसके अलावा दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड और भारत रत्न से भी उन्हें नवाजा गया था। लता मंगेशकर ने 5 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था, जिस उम्र में बच्चे खेलते-पढ़ते हैं तब लता मंगेशकर ने घर की जिम्मेदारी संभाली थी, अपने भाई-बहनों के बेहतर भविष्य के लिए कभी शादी नहीं की थी।