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अहमदाबाद विमान हादसे पर अमित शाह का बयान: 'दुर्घटना को कोई नहीं रोक सकता था'

 अहमदाबाद: अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के भयावह हादसे ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है. यह विमान गुरुवार दोपहर 1:38 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद मेघानी नगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में 241 यात्रियों की मौत हो गई, जिनमें 12 क्रू मेंबर भी शामिल थे. सिर्फ एक यात्री बचा है, जो अस्पताल में उपचाराधीन है.

दुर्घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार देर शाम अहमदाबाद पहुंचे. उन्होंने दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया, इसके बाद सिविल अस्पताल में घायल यात्रियों और जीवित बचे इकलौते ब्रिटिश नागरिक से मुलाकात की. उन्होंने इस त्रासदी को "राष्ट्रीय आपदा" करार देते हुए कहा कि इसने पूरे देश को गहरे शोक में डाल दिया है.

 

 

    ज्वलनशील ईंधन बना मौत की वजह

    गृह मंत्री शाह ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, इस विमान में लगभग 1,25,000 लीटर ईंधन भरा हुआ था. दुर्घटना के तुरंत बाद इतनी भीषण आग लगी कि किसी को बचाने का कोई मौका नहीं मिला. जब तक राहत टीमें पहुँचीं, तब तक पूरा मलबा आग की चपेट में आ चुका था. उन्होंने कहा कि यह घटना इतनी गंभीर थी कि पल भर में सब कुछ जलकर राख हो गया.

    🇮🇳 भारत सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया
    शाह ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी मिलते ही केंद्रीय और राज्य सरकारें सक्रिय हो गईं, हादसे के 10 मिनट के भीतर ही केंद्र सरकार को सूचना मिली. मैंने तुरंत गुजरात के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और नागरिक उड्डयन मंत्री से संपर्क किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तत्काल फोन कर पूरी स्थिति की जानकारी ली.

    उन्होंने आगे कहा, दुर्घटनाएं अनियंत्रित होती हैं, लेकिन प्रशासन की तत्परता का असली मूल्यांकन आपदा के समय होता है.

    डीएनए जांच से की जा रही मृतकों की पहचान
    चूंकि अधिकतर शव बुरी तरह जल चुके हैं, ऐसे में डीएनए जांच के माध्यम से पहचान की जा रही है. गृह मंत्री शाह ने बताया, गुजरात में ही लगभग 1,000 डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं. राज्य की फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) इस प्रक्रिया को पूरा करेंगी. विदेशों में रहने वाले परिजनों से संपर्क किया जा चुका है, उनके भारत पहुँचने के बाद उनके भी डीएनए सैंपल लिए जाएंगे. डीएनए रिपोर्ट के आधार पर ही शवों को परिजनों को सौंपा जाएगा.

    सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है
    गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि, सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी — चाहे वह चिकित्सा हो, मानसिक परामर्श, आवास या शवों को उनके घर तक पहुँचाने की व्यवस्था. उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं.

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने घटना की जांच शुरू कर दी है. यह हादसा भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा विमान हादसा माना जा रहा है. विमान में 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें से 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 1 कनाडाई और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे.

    जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
    सिविल अस्पताल ट्रॉमा सेंटर: 6357373831 / 6357373841