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Bharat Bandh: आज कृषि कानूनों के खिलाफ भारत बंद, प्रदर्शनकारियों ने किया कई जगह रेलवे ट्रैक जाम

 


Bharat Bandh: सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने आज भारत बंद का ऐलान किया है. आज के बंद से रेल और सड़क परिवहन सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है. देशव्यापी बंद के मद्देनजर बाजार बंद रह सकते हैं. चार चुनावी राज्यों केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में बंद का असर नहीं होगा. प्रदर्शनकारी यूनियनों की संस्था संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक 12 घंटे का बंद शाम 6 बजे तक लागू रहेगा.

संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर किसान प्रदर्शनकारियों ने गाज़ीपुर बॉर्डर जाम किया. ANI के अनुसार संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर किसान प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक जाम किया.'' ओडिशा में भी संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर भुवनेश्वर में ट्रेड यूनियन ने रेलवे ट्रैक ब्लॉक किया.

ANI के अनुसार आज के भारत बंद पर भारतीय किसान यूनियन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा ''हमारे आंदोलन को लगभग चार महीने पूरे होने जा रहे हैं. भारत बंद में हमें लोगों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर का सहयोग मिल रहा है. इससे सरकार को संदेश जाए. हम वार्ता के लिए 24 घंटे तैयार हैं.''

आज पंजाब के अमृतसर में किसानों ने वल्लाह में रेलवे ट्रैक को अवरुद्ध कर दिया. पंजाब और उसके पड़ोसी राज्य हरियाणा में 12 घंटे के बंद के असर पड़ने की संभावना है. किसान यूनियनों ने भटिंडा में भाई घनिया चौक को भी बंद कर दिया है, यह चौराहा शहर को अमृतसर, चंडीगढ़ और फिरोजपुर के साथ-साथ राजस्थान से जोड़ता है. एक वीडियो संदेश में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दर्शन पाल ने पहले कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा सब्जियों और दूध की आपूर्ति भी बंद कर दी जाएगी. उन्होंने कहा "हम देश के लोगों से इस भारत बंद को सफल बनाने और अन्नदाता का सम्मान करने की अपील करते हैं."

हजारों किसान, जिनमें अधिकतर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं, दिल्ली सीमा के सिंघू, टिकरी और गाजीपुर में डेरा डाले हुए हैं. चार महीने से अधिक समय से कृषि कानूनों को रद्द करने और MSP पर कानूनी गारंटी की मांग की जा रही है. इससे पहले किसान नेता बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा था "जब तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हमारा विरोध चार महीने पूरा हो जाएगा. हम 26 मार्च को पूर्ण भारत बंद का निरीक्षण करेंगे. शांतिपूर्ण बंद सुबह से शाम तक प्रभावी रहेगा."

किसान नेताओं ने यह भी कहा कि 28 मार्च को 'होलिका दहन' के दौरान नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी. आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने 26 मार्च को भारत बंद के प्रति एकजुटता व्यक्त की है. मुख्य मंत्री मंत्री ने किसान संघों से अपील की कि वे बिना किसी अप्रिय घटनाओं के शांतिपूर्वक बंद का समर्थन करें और आम जनता को असुविधा पहुंचाएं.

इस संबंध में राज्य के सभी सरकारी संस्थान दोपहर 1.00 बजे के बाद खुले रहेंगे और दोपहर में आरटीसी बसें चलेंगी. बंद के दौरान सभी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं यथावत चलेंगी. तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ 26 मार्च को किसान यूनियनों द्वारा दिए गए देशव्यापी 'भारत बंद' के आह्वान में भाग लेना व्यापारियों के लिए वैकल्पिक होगा.