सरकार की डिजिटल पहल का असर अब आम नागरिक की जेब और सुविधा दोनों पर दिखने लगा है।
पासपोर्ट बनवाने के झंझट अब इतिहास बनने जा रहे हैं क्योंकि पासपोर्ट सेवा 2.0 ने इस प्रक्रिया को बेहद सरल और त्वरित बना दिया है।
चाहे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, ई-पेमेंट, या स्मार्ट चिप वाला पासपोर्ट — अब सब कुछ मोबाइल और इंटरनेट के जरिए संभव है।
बड़ी राहत की बात ये है कि पहले जहां पासपोर्ट बनवाने में हफ्तों से लेकर महीनों लगते थे, अब पुलिस वेरिफिकेशन एक हफ्ते में हो सकेगा।
यह पहल खास तौर से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उन लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो पासपोर्ट बनवाने में पिछड़ जाते थे।