यह कहानी किसी अजनबी जगह की नहीं, यह कहानी है देश के एक प्रमुख लॉ कॉलेज की — जहां छात्रा कानून की शिक्षा लेने आई थी, लेकिन उसी संस्था में कानून को अपने साथ टूटते देखा।
पीड़िता का कहना है कि तीन छात्रों ने उसे गार्डरूम में बंद किया, एक ने बलात्कार किया, बाकी तमाशा देखते रहे।
यह घटना सिर्फ शारीरिक हमले की नहीं, मानसिक और नैतिक गिरावट की भी है।
क्या यह वही भारत है, जहाँ 'बेटी पढ़ाओ' का नारा दिया जाता है? या अब उस नारे के नीचे भी एक साइलेंट फुटनोट जुड़ गया है — "जब तक सुरक्षित रहें..."