भगोड़े माल्या की फाइल से गुम हुए कागजात, Supreme court ने टाल दी सुनवाई - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

भगोड़े माल्या की फाइल से गुम हुए कागजात, Supreme court ने टाल दी सुनवाई

नई दिल्ली। मशहूर भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 20 अगस्त तक टाल दी है। सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला इसलिए लिया क्योंकि उनकी फाइल से एक जरूरी डॉक्यूमेंट मिसिंग है। बता दें, ये मामला अवमानना का है। विजय माल्या को सन् 2017 में सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का कसूरवार ठहराया गया था। इसके बाद भगोड़े माल्या ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाते हुए अपनी संपत्ति को अपने परिवार वालों के नाम ट्रांसफर कर दी थी।

एक दस्तावेज नहीं मिल रहा

ऐसे में अब भगोड़े माल्या केस में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की फाइल का एक दस्तावेज नहीं मिल रहा है, जिसके कारण गुरुवार को सुनवाई नहीं हो पाई। बता दें, 3 साल पहले विजय माल्या ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जो सुनवाई के लिए अब लिस्ट हुई।

भगोड़े विजय माल्या ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए अपने बच्चों को पैसे ट्रांसफर किए थे। लेकिन विजय माल्य को कोर्ट की अवमानना के लिए दोषी पाया गया था। इसके बाद माल्या ने सुप्रीम कोर्ट पर इस फैसले की समीक्षा की मांग की थी और पुनर्विचार याचिका दायर की थी।

3 साल बाद रिव्‍यू पिट‍िशन सामने आई

बीते महीने भगोड़े विजय माल्या की याचिका देर से लिस्ट किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री से काफी आक्रोश जताया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि साल 2017 में दिए गए आदेश के 3 साल बाद अब जाकर ये रिव्‍यू पिट‍िशन सामने आई है।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री से पूछा था कि अब तक ये याचिका उसके सामने क्‍यों नहीं लाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री से इस मामले पर दो सप्ताह के अंदर जवाब देने के लिए कहा था। इसके अलावा कोर्ट ने रजिस्ट्री पर मामले की लिस्टिंग में भेदभाव के आरोप लगाने को लेकर एक वकील को भी तीखी फटकार लगाई थी।