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Unlock 4.0: 1 सितंबर से लागू होने वाला अनलॉक का चौथा चरण आखिर क्यों है सबसे ज्यादा अहम? जानें वजह...

Unlock 4.0 News : देश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) से 34 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं वहीं, अब तक 62 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. इस बीच 1 सितंबर से अनलॉक के चौथे चरण (Unlock 4.0) की शुरुआत होने जा रही है, जिसे बीते तीन चरणों में से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Unlock-4 यानी 1 सितंबर से कई गतिविधियां फिर से शुरू हो जाएंगी, लेकिन कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश में अब रोजाना 70 हजार से ज्यादा केस सामने आने लगे हैं. ऐसे में इसके प्रसार को रोक पाना काफी चुनौती भरा होगा.
1-6 सितंबर तक देशभर में इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा JEE (Main) आयोजित की जाएंगी. वहीं, मेडिकल कॉलेज में इंट्री के लिए होने वाले NEET का आयोजन 13 सितंबर को होगा. इसके अलावा कॉलेज और विश्वविद्यालय अपनी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करेंगे, जैसा कि यूजीसी द्वारा निर्धारित किया गया है. इसलिए, सितंबर से अचानक बहुत सारी गतिविधियां एक साथ शुरू हो जाएंगी.
चूंकि परीक्षाएं स्थगित नहीं हुई हैं और अब परीक्षाएं स्थगित होने का कोई मौका नहीं है, इसलिए सार्वजनिक परिवहन, जो कि अनलॉक-3 तक न्यूनतम क्षमता के साथ काम कर रहा था उसकी क्षमता बढ़ानी होगी. जिससे परीक्षार्थी अपने केंद्रों पर आसानी से और तय समय तक पहुंच सकेंगे.
लोकल और मेट्रो शुरू करने की मांग
हालांकि गृह मंत्रालय ने अभी तक अनलॉक 4 (Unlock 4.0 Guideline) के लिए दिशानिर्देश जारी नहीं किया है और कई राज्य मेट्रो ट्रेनों और लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं. एक बार ये सेवाएं शुरू हो जाएंगी तो यह निगरानी करना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि कोरोना से संबंधित सभी गाइडलाइंस को ठीक से पालन करवाया जाए. हालांकि यह काफी चुनौतीपूर्ण होगा.
शैक्षणिक गतिविधियां होंगी शुरू
ऐसी संभावना नहीं है कि पहले तीन चरण की तरह ही केंद्र सरकार शैक्षिक संस्थानों को फिर से खोलने का फैसला करेगी. लेकिन Unlock-4 में स्थितियां बदल जाएंगी. शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के लिए कहा जा सकता है. कुछ राज्यों में वे स्कूलों से ऑनलाइन कक्षाएं लेंगे. इसके अतिरिक्त, कई स्कूल इन राष्ट्रीय-स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए केंद्र हैं. इसलिए सितंबर से किसी न किसी तरह से शैक्षिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी.
‘बॉर्डर पर कोई रोक नहीं’
गृह मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि लॉकडाउन में ढील की मौजूदा प्रक्रिया के दौरान किसी राज्य के भीतर तथा एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यक्तियों और सामान के आवागमन पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए. पत्र में कहा गया है कि ऐसा कोई भी प्रतिबंध गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन होगा. इसलिए राज्यों को किसी दुविधा के एक राज्य से दूसरे राज्य जाने की अनुमति देनी होगी.
पीक पर पहुंच चुका है कोरोना का कहर!
देश में प्रतिदिन नए COVID-19 मामलों की संख्या अगस्त के अंतिम सप्ताह में सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है. हालांकि रिकवरी रेट भी बढ़ रही है. हर दिन किए जाने वाले परीक्षणों की संख्या ने सभी रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं. अब परीक्षणों की संख्या बढ़ाना भारत की COVID-19 रणनीति का केंद्र बिंदु है. जितनी जल्दी मामले का पता लगाया जाता है, संक्रमण को रोकना आसान हो जाता है. इसलिए, बढ़ते मामलों की संख्या के बावजूद, स्वास्थ्य मंत्रालय कह रहा है कि स्थिति गंभीर नहीं है, क्योंकि मरने वालों की संख्या में कमी आई है. यह देखा जाना चाहिए कि सितंबर में फिर से शुरू की गई गतिविधियों के बीच रणनीति कैसे काम करती है.