मोदी सरकार व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लेकर आई ये प्लान, बढ़ेंगे निवेश के मौके - Jai Bharat Express

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मोदी सरकार व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लेकर आई ये प्लान, बढ़ेंगे निवेश के मौके

नई दिल्ली:वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce & Industry) के मुताबिक स्टेट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान 2019 (State Business Reform Action Plan 2019) का मुख्य फोकस सूचना और पारदर्शिता, एकल खिड़की प्रणाली, निर्माण परमिट और भूमि प्रशासन आदि जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है. वाणिज्य मंत्री (Union Minister of State for Commerce & Industry) हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार व्यापार को त्वरित और किफायती बनाने के लिए एकल खिड़की प्रणाली, श्रम कानून सुधार, विवाद अधिनियम में सुधार आदि के माध्यम से व्यापार विनियमन को कारगर बनाने के प्रयास कर रही है.
विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में 2020 में भारत 27वें स्थार पर पहुंचा
डीपीआईटी के सचिव का कहना है कि यह सुधारों के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि 2014 में भारत ईज ऑफ डूंइग बिजनेस रैंकिंग में 142वें स्थान पर था लेकिन सुधार करते हुए उसने 2019 में 63 वीं रैंक हासिल कर ली है. हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कोविड-19 (COVID-19) ने सभी देशों को प्रभावित किया है. आत्म निर्भर भारत (AatmaNirbharBharat) के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आह्वान एक आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर रहा है, एक ऐसा भारत जो मजबूत होकर वैश्विक मंच पर अधिक मुखर भूमिका निभाने में सक्षम होगा.
उन्होंने कहा कि 2057 शहरों जिसमें 444 AMRUT योजना वाले शहर भी शामिल हैं वहां पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कंस्ट्रक्शन परमिट और ऑनलाइन बिजनेस परमीशन सिस्टम को शुरू किया है. इसने हमें विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में 2017 में 185 वें स्थान से 2020 में 158 स्थानों की छलांग लगाकर 27 वें स्थान पर पहुंचाने में मदद की है.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister Piyush Goyal) ने कहा कि हम सभी मानते हैं कि एक तरफ सहयोग के जरिए और दूसरी ओर प्रतिस्पर्धा के जरिए सामूहिक रूप से राष्ट्र को 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्यों की व्यावसायिक सुधार कार्य योजना हमारे राज्यों के विश्वास का प्रतिबिंब है कि वे लोगों की समृद्धि के लिए बेहतर और काम कर सकते हैं. रैंकिंग इस प्रयास को दर्शाती है कि विभिन्न राज्य अपने सिस्टम और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं.