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चीन में बनी कोरोना वैक्सीन प्रभावी, एक लाख लोगों में नहीं दिखा कोई साइड इफेक्ट


पेइचिंग । चीन की चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप ने अपनी कोरोना वैक्सीन को बिल्कुल सुरक्षित और प्रभावी बताया है। कंपनी ने अपने बयान में बताया अब तक जिन लोगों को इस वैक्सीन के दोनों टीके लगाए जा चुके हैं, उनमें कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखाई दिया है। कंपनी ने कहा कि अब तक इस वैक्सीन की डोज लगभग 1 लाख लोगों को दी जा चुकी है।
चीन ने तत्काल उपयोग के लिए कोरोना वायरस के तीन वैक्सीन को मंजूरी दी है। इनमें से दो को चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप (सीएनबीजी) ने विकसित किया है। वैक्सीन की खुराक सबसे पहले संक्रमण की चपेट में आने की संभावना वाले उच्च जोखिम समूह जैसे कि मेडिकल स्टाफ, राजनयिकों को दिए गए हैं। इसके अलावा चीन ने इन वैक्सीनों को अपने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत आने वाले देशों को भी भेजा है।
चीन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अपनी वैक्सीन को लेकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हमने फिर से साबित कर दिया है कि कोरोना के खिलाफ हमारी वैक्सीन बहुत प्रभावी है। यह उन पश्चिमी देशों को करारा जवाब है जो हमारी वैक्सीन की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे थे। चीन की यह वैक्सीन दुनियाभर के अग्रणी कोरोना वायरस वैक्सीनों में से एक है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए चीन की विश्व स्तर पर आलोचना हो रही है।
यही कारण है कि वह कोरोना वायरस वैक्सीन के विकास को लेकर इतनी तेजी दिखा रहा है। हालांकि उसपर इस संक्रमण को दुनियाभर में फैलाने का भी आरोप लग चुका है। ऐसी भी खबरें आई थी कि चीन ने कुछ लोगों को फाइनल ट्रायल के पहले ही वैक्सीन की डोज दे दी थी। दुनियाभर में कोरोना वायरस फैलाने वाले चीन ने एक महीने पहले ही अपने लोगों को वैक्सीन दे दी थी। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को खुलासा किया था कि वह 22 जुलाई से ही अपने लोगों को वैक्सीन की डोज दे रहा है।
हालांकि, आयोग ने यह नहीं बताया कि चीन में क्लीनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंची चार वैक्सीन में से किसे लोगों को दिया गया है। इतना ही नहीं, आयोग ने यह भी दावा किया कि लोगों पर इस वैक्सीन का कोई कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ा है। कोरोना वायरस की जन्मस्थली वुहान शहर को लेकर चीन फिर प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश कर रहा है। चीन की सभी एजेंसिंया इस शहर को लेकर बनी नकारात्मक धारणाओं को तोड़ने के लिए जमकर प्रचार कर रही हैं। चीन की कोशिश है कि इस शहर से पैदा हुए वायरस को लेकर उसकी छवि को जो नुकसान पहुंचा है उसे कैसे भी ठीक किया जाए। चीन के विदेश मंत्री ने 28 अगस्त को यूरोप यात्रा के दौरान वुहान का गुणगान किया था।