हाथरस पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को कांग्रेस का 'सत्याग्रह - Jai Bharat Express

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हाथरस पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को कांग्रेस का 'सत्याग्रह


नई दिल्ली । हाथरस गैंगरेप और मर्डर पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की अपनी लड़ाई को अगले स्तर पर ले जाते हुए कांग्रेस पार्टी देश भर में राज्य और जिला स्तर पर मौन धरना देगी। कांग्रेस महासचिव संगठन और सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस की दलित लड़की की निर्मम हत्या  ने देश की अंतरात्मा को हिला दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य कांग्रेस कमेटी राज्य और जिला मुख्यालय में महात्मा गांधी या बाबासाहेब अम्बेडकर की मूर्तियों और किसी अन्य स्थान पर सत्याग्रह करेगी। यूपी सरकार की क्रूर और मनमानी कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाते हुए न्याय की मांग की जाएगी। कांग्रेस नेता ने कहा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में जब हजारों कार्यकर्ताओं, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने हाथरस के लिए रवाना होने की घोषणा की तो यूपी प्रशासन ने केवल 5 नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी। उन्होंने कहा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने न केवल परिवार की पीड़ा और उनके साथ हुए अन्याय को सुना और उनसे मुलाकात की, बल्कि निष्पक्ष जांच कराने में भी उनका पूरा सहयोग सुनिश्चित किया। उन्होंने जो भी संभव हो करने का वादा किया ताकि कोई भी बेटी असुरक्षित महसूस न करे। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने योगी सरकार के मनमाने और असंवैधानिक तरीकों के खिलाफ लगातार लड़ने और पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, हाथरस पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के हमारे निरंतर प्रयास में, कांग्रेस पार्टी ने सोमवार 5 अक्टूबर, 2020 की सुबह देश भर के राज्यों और जिला मुख्यालयों में सत्याग्रह करने का फैसला किया है। वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पदाधिकारी, पार्टी के पदाधिकारी और सामान्य कार्यकर्ता पूरी ताकत से सत्याग्रह में भाग लेंगे। प्रियंका गांधी और राहुल गांधी शाम में हाथरस पहुंचे और यूपी प्रशासन ने 5 लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी। इसके बाद दोनों नेता पीड़ित परिवार से मिले। कथित रूप से सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद 19 सितंबर को हाथरस की लड़की की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई। घटना के सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं और पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।