जबलपुर में किराने की दुकान पर बेच रहा था वन्य प्राणीयों के अंग प्रतिबंधित जड़ी इंद्रजाल - Jai Bharat Express

Breaking

जबलपुर में किराने की दुकान पर बेच रहा था वन्य प्राणीयों के अंग प्रतिबंधित जड़ी इंद्रजाल



 जबलपुर : वन्य प्राणीयों के  अंगो के अवैध कारोबार के मामले में जबलपुर शहर तस्करों गढ़ बनता जा रहा है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि वन्य जीवों के अंग और प्रतिबंधित औषधि किराने  की दुकान पर  बेचा जा रहा था और स्थानीय वन अमले को इसकी भनक तक नहीं थी, इस पूरे रैकेट का खुलासा तो तब हुआ जब वन्य अपराधों की रोकथाम के लिए सक्रिय एक एनजीओं ने वन विभाग को इस गोरखधंधे की सूचना  एनजीओ से मिली सूचनाओं के आधार पर जब वन विभाग के अमले ने शहर के दो अलग  अलग स्थानों पर छापामार कार्रवाई की तो गोहलपुर क्षेत्र में संचालित एक किराने की दुकान से वन्य प्राणी अंग और समुद्री जड़ी बुटी इंद्रजाल को बरामद किया गया। वहीं छोटी ओमती क्षेत्र में एक दुकान से प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए रेस्क्यू किए गए।

जानकारी के मुताबिक वन विभाग के आला अधिकारियों को दिल्ली के एक एनजीओ ने सूचना दी थी कि शहर के कुछ क्षेत्रों में बड़ेे व्यापक पैमाने में वन्य प्राणी अंग व प्रतिबंधित औषधियों का कारोबार चल रहा है । एनजीओ की निशानदेही पर जब वन विभाग का अमला गोहलपुर में स्थित किराने  की दुकान में छापामार कार्रवाई की तो वहां से व्यापक पैमाने में वन्य जीवों के अंगों को बरामद किया गया, सूत्रों की मानें तो वन विभाग की छापामार कार्रवाई में 9 जोड़ी हत्थाजोड़ी सांभर बारासिंघा के सिंग मिले हैं वहीं समुद्र में पाए जाने वाला पौधा इंद्रजाल मिला जिसके बाद वन विभाग के अमले ने दुकान संचालक व उसके एक साथी को अपने गिरफ्त में ले लिया।

रंगबिरंगी मछलियों की आड़ में बेच रहे थे कछुए 

एनजीओ की निशानदेही पर ही वन विभाग के अमले ने छोटी ओमती स्थित एक एक्यूरियम की दुकान में छापा मारा, दुकान में रंगबिरंगी मछलियों व एक्वेरियम विक्रय की आड़ में प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए को बेचा जा रहा था। वन विभाग ने मौके से पांच कछुए बरामद किए, वहीं दुकान संचालक को गिरफ्त में ले लिया।

इंद्रजाल छोटा भी हो सकता है और बड़ा भी हो सकता है, और यह सिर्फसमुद्र में ही पाया जाता है अन्य किसी और जगह नहीं, इंद्रजाल एक समुद्री पौधा है जिसमें ढेर सारी पतली-पतली टहनिया जुड़ी होती है, ऐसा मन जाता है की इस पौधे में पत्तिया नहीं होती। इसे मुख्य रूप से तांत्रिक क्रियाओं में प्रयोग  किया जाता है, माना जाता है कि यदि आप पर किसी ने टोना टोटका या कोई तांत्रिक प्रयोग किया हो तो इस जड़ी से आप इस तरह के कूप्रभावों से बच सकते हैं। इंद्रजाल एक दिव्य वनस्पति हैं जो बहुत  ही कम पायी जाती हैं।