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नाबालिग से रेप के आरोपी को मिला 4 हफ्ते का समय, लगाई गिरफ्तारी पर रोक



 नई दिल्ल सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबड़े (Chief Justice SA Bobde) ने सोमवार कोनाबालिग लड़की के साथ रेप के आरोपी शख्स से पूछा कि क्या वो पीड़ित के साथ शादी करने को तैयार है. चीफ जस्टिस ने ये टिप्पणी महाराष्ट्र के जलगांव के रहने वाले बलात्कार के आरोपी मोहित चौहान की जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान की. हाई कोर्ट ने उसकी ज़मानत अर्जी रद्द कर दी है. इस आदेश के खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. जैसे ही मामला सुनवाई पर आया तो CJI ने मोहित के वकील से पूछा कि क्या आरोपी पीड़ित से शादी करने को तैयार है. 

इस पर आरोपी मोहित के वकील ने कहा कि आरोपी एक सरकारी मुलाजिम है और अगर वो जेल गया तो उसे नौकरी से सस्पेंड कर दिया जाएगा. जस्टिस बोबडे ने कहा कि ये सब आप को एक नाबालिग लड़की को फुसलाने और उसका बलात्कार करने से पहले सोचना चाहिए था. हम आपको शादी के लिए मजबूर नहीं कर रहे. सिर्फ ये जानना चाह रहे हैं कि क्या ऐसा आपका इरादा है.

वकील ने आरोपी से बात करने के बाद कोर्ट को बताया कि अब पीड़ित आरोपी से शादी करना नहीं चाहती और आरोपी की भी शादी हो चुकी है, इसलिए अब शादी नहीं हो सकती. दरअसल, इस मामले में जिस शख्स पर रेप का आरोप लगा है वो पीड़ित का रिश्तेदार है. आरोप के मुताबिक, उसने कई सालों तक पीड़ित का बलात्कार किया. परेशान होकर पीड़िता पुलिस में शिकायत करनी चाही, लेकिन उस वक्त दोनों पक्षों में ये समझौता हुआ कि जब लड़की 18 साल की हो जाएगी तब दोनों शादी कर लेंगे. वहीं, दूसरी ओर आरोपी के परिवार का कहना है कि दोनों में प्रेम था और बलात्कार की बात झूठी है. 

इसके बाद जब आरोपी ने पीड़ित से शादी करने से मना कर दिया तो पीड़ित ने पुलिस में बलात्कार का मुकदमा दर्ज करा दिया. बहरहाल, रविवार की सुनवाई में CJI ने  आरोपी को निचली अदालत में जमानत याचिका दाखिल करने के लिए चार हफ्तों का समय दे दिया. इस दरमियान उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.