शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा टी स्टॉल पर अपने काफिले को रुकवाया और चाय का स्वाद लिया कहा बहुत ही बढ़िया चाय बनाई है । - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा टी स्टॉल पर अपने काफिले को रुकवाया और चाय का स्वाद लिया कहा बहुत ही बढ़िया चाय बनाई है ।


 मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सड़क किनारे रूककर पी चाय

दुकान संचालक पप्पू से जानी कुशलक्षेम




जबलपुर | मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  आमनागरिकों के बीच क्यों इतने लोकप्रिय है इसका उदाहरण आज यहां शहर वासियों को तब देखने मिला जब उन्होंने सड़क किनारे एक चाय की दुकान पर रूककर चाय पी। आज यहाँ शहीद स्मारक परिसर गोलबाजार में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद विश्राम भवन जा रहे श्री चौहान ने आदि शंकराचार्य चौक छोटी लाइन फाटक स्थित नर्मदा टी स्टॉल पर अपने काफिले को रुकवाया और चाय पीने की इच्छा व्यक्त की ।

 

मुख्यमंत्री ने इस स्टॉल में रखी प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठकर न केवल चाय पी बल्कि चाय के पैसे भी उन्होंने खुद चुकाये ।  श्री चौहान ने इस मौके पर चाय दुकान के संचालक पप्पू गुप्ता एवं उसकी पत्नी पूजा  से व्यवसाय और परिवार के बारे में भी चर्चा की । श्री चौहान को चाय की दुकान पर आया देख आसपास के काफी लोग एकत्र हो गये थे ।  मुख्यमंत्री ने उनसे मिलने आये लोगों से भी बातचीत की । इस दौरान आयुष एवं जल संसाधन राज्य मंत्री श्री रामकिशोर कांवरे,  सांसद श्री राकेश सिंह, विधायक श्री अशोक रोहाणी, पूर्व मंत्री श्री हरेन्द्र जीत सिंह बब्बू एवं श्री अभिलाष पांडे भी उनके साथ थे ।


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा टी स्टाल के संचालक पप्पू गुप्ता से पूछा कि उसे प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ मिला या नहीं । मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार से उत्साहित पप्पू ने जबाब में बताया कि न केवल उसे इस योजना के तहत 10 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ बल्कि उसने इसमें से 5 हजार रुपये चुका भी दिये हैं । ताकि अगली बार उसे ज्यादा राशि ऋण के रूप में मिल सके ।