IPL 2021 पर BCCI का बड़ा फैसला, यूएई में होंगे बाकी 31 मैच - Jai Bharat Express

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IPL 2021 पर BCCI का बड़ा फैसला, यूएई में होंगे बाकी 31 मैच



नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) आईपीएल 2021 (IPL 2021) के बचे हुए मुकाबले यूएई में आयोजित करेगी। इस बात की जानकारी बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने दी है। बीसीसीआई की स्पेशल जनरल मीटिंग में इस बाबत फैसला लिया गया। बीसीसीआई आईपीएल के बचे मैचों को सितंबर-अक्टूबर में कराने की तैयारी में है। आईपीएल 2021 के बाकी बचे मैचों का आगाज 19 या 20 सितंबर से हो सकता है, वहीं फाइनल मैच यूएई में 10 अक्टूबर को खेला जाएगा।

बीसीसीआई टी20 विश्व कप के बारे में अंतिम फैसला लेने के लिए आईसीसी से जुलाई तक की मोहलत मांगेगा। इस साल टी20 वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में भारत में प्रस्तावित है। अगर भारत में हालात नहीं सुधरे तो वर्ल्ड कप भी यूएई में कराया जा सकता है। कोरोना महामारी के चलते आईपीएल 2020 भी यूएई में ही खेला गया था। गौरतलब है कि बायो बबल में कई खिलाड़ियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद 4 मई को बोर्ड ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2021) के 14वें सीजन को अनिश्चितकाल समय के लिए स्थगित कर दिया था।

टी20 वर्ल्ड कप भारत में कराने की अब भी उम्मीद
टी20 विश्व कप की मेजबानी के अधिकार पर अंतिम फैसला आईसीसी को करना है। इसके लिए 1 जून को आईसीसी की बैठक होगी। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में होने के बाद टी20 वर्ल्ड कप को कोरोना महामारी के चलते रद्द कर दिया था जिसके बाद भारत को मेजबानी का अधिकार मिला था।टी20 वर्ल्ड को लेकर BCCI मांगेगा ICC से मोहलत, जानें मीटिंग में क्या फैसला हुआ।

बीसीसीआई के सचिन जय शाह ने आधिकारिक बयान में कहा, “बीसीसीआई ने शनिवार को भारत में मानसून के मौसम को देखते हुए इस साल सितंबर-अक्टूबर के महीनों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में वीवो इंडियन प्रीमियर लीग 2021 सीज़न के शेष मैचों को पूरा करने की घोषणा की। विशेष आम बैठक (एसजीएम) में सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से आईपीएल को फिर से शुरू करने का फैसला लिया गया है।”

रणजी खिलाड़ियों को नहीं मिली राहत
घरेलू खिलाड़ियों को भुगतान के मुद्दे पर एसजीएम में कोई चर्चा नहीं की गई। कोविड-19 के कारण रद्द हुए रणजी सत्र के कारण 700 खिलाड़ी प्रभावित हुए है। बीसीसीआई ने पिछले साल जनवरी में खिलाड़ियों को वित्तीय मदद का भरोसा दिया था लेकिन उसके तरीके के बारे में नहीं बताया था। यह पता चला है कि राज्य संघों में किसी एक ने इस मुद्दे को उठाया था लेकिन सौरव गांगुली और राजीव शुक्ला ने इसे एजेंडे का हिस्सा नहीं बताते हुए ठुकरा दिया।