मंगलवार आज, इस पूजन विधि से करें हनुमान जी को प्रसन्न, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी - Jai Bharat Express

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मंगलवार आज, इस पूजन विधि से करें हनुमान जी को प्रसन्न, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी




Bada Mangal 2021 Puja: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास के हर मंगलवार का विशेष महत्व है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.

Bada Mangal 2021 Puja: हिंदी पंचांग के अनुसार, आज यानी 1 जून को ज्येष्ठ महीने का प्रथम मंगलवार है. हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं. बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्त की मनोकामना पूरी होती है. हिंदू धर्म में हनुमान जी की पूजा का बड़ा महत्त्व है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी ऐसे देव है जो अभी भी पृथ्वी पर जीवित हैं. वे अपने आराध्य भगवान श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए आज भी पृथ्वी पर ही जीवित रहते हुए अपने भक्तों का कल्याण करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं.


हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि हनुमानजी की उपासना सबसे जल्दी फल देने वाली पूजा है. हनुमान जी अपने भक्तों पर बहुत जल्द ही खुश हो जाते हैं. भक्त यदि मंगलवार के दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास उपाय करें तो वे हनुमान जी की कृपा बहुत जल्दी प्राप्त कर सकते हैं और उनकी कृपा से वे अपनी किस्मत बदल सकते हैं. ये खास उपाय आपकी हर मनोकामना को पूरी कर, सभी कष्टों को दूर भी कर सकते हैं.




बड़े मंगल को इस मंत्र का जाप करें


बड़े मंगलवार के दिन सुबह स्नानादि करके हनुमानजी को चोला चढ़ाना चाहिए. चोला चढ़ाते समय हनुमान जी के समय चमेली के तेल का दीपक जलाएं और गुलाब की माला अर्पित करें. हनुमान जी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा केवड़े का इत्र लगाएं. इसके बाद पान के पत्ते पर थोडा गुड़ और चना रखकर भीग लगाएं. उसके नीचे लिखे मंत्र का तुलसी के माले से जप करें. कम से कम 5 माला करें.


मंत्र
राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥


बड़ के पेड़ के पत्ते का प्रयोग



बड़े मंगलवार के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़कर लायें. उसे पानी में धुलकर हनुमान जी के सामने रखें. अब उस पर केसर से श्रीराम लिखें और अपने पर्स में रख लें. इससे कभी धन की कमी नहीं होगी. पत्ता सूखने पर उसे गंगा में प्रवाहित कर दें.