वातावरण में नमी बरकरार, मप्र के इन जिलों में बारिश के आसार - Jai Bharat Express

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वातावरण में नमी बरकरार, मप्र के इन जिलों में बारिश के आसार



भोपाल। मध्य प्रदेश में एक साथ कई सिस्टम एक्टिव होने के चलते वातावरण में नमी लगातार बढ़ती जा रही है, इसी मौसम के बदलाव (Weather changes) के कारण प्री मानसून (Pre-Monsoon 2021) एक्टिविट भी तेज हो गई है। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में तेज आंधी तूफान के साथ झमाझम बारिश (Rain) हुई। इसी कड़ी में मौसम विभाग (Weather Department) ने आज सोमवार 7 जून 2021 को 8 संभागों और 3 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग (Weather alert) ने अगले 24 घंटे में रीवा, शहडोल, सागर, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के साथ अशोकनगर, गुना और शिवपुरी जिलों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है। इसके साथ ही इन संभागों के जिलों में गरज चमक के साथ बिजली चमकने और गरजने की संभावना है, वही 30-40 प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के भी आसार है। इसके लिए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया गया है।वही7 साल बाद एक बार फिर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से मानसून के MP में प्रवेश करने की संभावना है।

मौसम विभाग (Weather Forecast) की माने तो वर्तमान में मप्र में 4 वेदर सिस्टम सक्रिय है।इसमें पहला दक्षिण-पश्चिम मप्र पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात के साथ तमिलनाडू तक एक द्रोणिका लाइन (ट्रफ) बनी हुई है।वही अरब सागर के गुजरात तट पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात के साथ समुद्र तट पर गोवा और उससे लगे कर्नाटक पर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है, जिसके चलते लगातार नमी आ रही है और बादल छाने के साथ बारिश हो रही है।

प्री मानसून एक्टिविट तेज, जल्द होगी दस्तक
मौसम विभाग (Weather Cloud ) के अनुसार, केरल से बढ़ता हुआ मानसून महाराष्ट्र के मुंबई तक पहुंच गया है, ऐसे में मध्य प्रदेश में भी मानसून की आहस तेजी से सुनाई देने लगी है, ऐसे में 20 जून तक प्रदेश समेत बुंदेलखंड में मानसून दस्तक दे सकता है। वही ग्वालियर-चंबल संभाग में 2 दिन देरी से यानि इस बार 26 जून को मानसून की दस्तक होगी।11 जून को एक कम दबाव का सिस्टम बन रहा है। इसका असर भी मानसून पर हो सकता है। आईएमडी के अनुसार (Weather Forecast) , अगले 24 घंटों के दौरान, पूर्वोत्तर भारत, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वही दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पड़ोस में निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के इन राज्यों में भारी वर्षा की संभावना है।