2 आदतन अपराधियों का जिला बदर थाने में हाजिरी दर्ज कराने के आदेश - Jai Bharat Express

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2 आदतन अपराधियों का जिला बदर थाने में हाजिरी दर्ज कराने के आदेश


जिला दंडाधिकारी ने की कार्यवाही दो आदतन अपराधियों का जिला बदर।

छह को सप्ताह में एक दिन थाने में हाजिरी दर्ज कराने के आदेश।


जबलपुर |जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही कर दो आदतन अपराधियों का जिलाबदर किया है जबकि छह आदतन अपराधियों को निगरानीशुदा बदमाश घोषित कर आगामी छह माह तक सप्ताह में एक दिन संबंधित पुलिस थाने में हाजिरी दर्ज करने के आदेश दिये हैं। 

जिला दंडाधिकारी द्वारा जिन दो कुख्यात अपराधियों का जिला बदर किया गया है उनमें बीएल मैरिज गार्डन कछपुरा थाना लार्डगंज निवासी लकी पटैल पिता राजकुमार पटैल उम्र 18 वर्ष एवं राजीव गांधी नगर कटंगा थाना केंट निवासी सुमित सिंह ठाकुर उर्फ काले पिता श्याम सिंह ठाकुर उम्र 23 वर्ष शामिल हैं। दोनों अपराधियों को छह माह की अवधि के लिए जबलपुर जिला सहित इसके समीपवर्ती जिलों मंडला, डिंडौरी, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, दमोह एवं उमरिया की राजस्व सीमा से भी निष्कासित किया गया है। दोनों को आदेश के 48 घंटे के भीतर इन जिलों की सीमा से बाहर जाने के निर्देश दिये गये हैं। 

दो अपराधियों को जिले से निष्कासित करने के अलावा जिन छह अपराधियों को निगरानीशुदा घोषित किया गया है उनमें ग्राम जिलहरी थाना ग्वारीघाट निवासी अरूण अहिरवार पिता नारायण प्रसाद अहिरवार उम्र 35 वर्ष को प्रत्येक मंगलवार को ग्वारीघाट पुलिस थाना में, कंजड़ मोहल्ला बेलबाग निवासी रचित जाट पिता संजय जाट उम्र 24 वर्ष को प्रत्येक मंगलवार को बेलबाग पुलिस थाना में, वार्ड क्रमांक-दस गौरेय्या मोहल्ला सिहोरा निवासी सैंकी बर्मन उम्र 27 वर्ष को प्रत्येक मंगलवार को सिहोरा पुलिस थाना में, चारखंबा मस्जिद के पीछे गोहलपुर निवासी पप्पू उर्फ अख्तर पिता अब्दुल हमीद उम्र 46 वर्ष को प्रत्येक मंगलवार को गोहलपुर पुलिस थाना में, कुचबंधिया मोहल्ला घमापुर निवासी जग्गोबाई कुचबंधिया पति जहर कुचबंधिया उम्र 45 वर्ष को प्रत्येक बुधवार को घमापुर पुलिस थाना में तथा ओमकला मंदिर के पास घमापुर निवासी पवन कुचबंधिया पिता हरलाल कुचबंधिया उम्र 32 वर्ष को प्रत्येक मंगलवार को घमापुर पुलिस थाना में उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश दिये हैं।

जिला दंडाधिकारी ने यह कार्यवाही पुलिस अधिक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर इन अपराधियों की समाजविरोधी गतिविधियों पर नियंत्रण के उद्देश्य से की है।