गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के 24 घंटे के ULTIMATAM पर फैशन ब्रांड सब्यसाची ने मंगलसूत्र का ऐड हटाया - Jai Bharat Express

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गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के 24 घंटे के ULTIMATAM पर फैशन ब्रांड सब्यसाची ने मंगलसूत्र का ऐड हटाया


गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी थी चेतावनी  24 घंटे में मंगलसूत्र का विज्ञापन नहीं हटा तो होगी FIR


फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी ने मंगलसूत्र के विज्ञापन को हटा लिया है इसलिए अब इस मामले का पटाक्षेप हो चुका है।



हिंदू धर्म के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे कृत्य को हम सब्यसाची और डाबर कंपनी की पहली बार की भूल मान रहे हैं। अगर आगे दोबारा ऐसा हुआ तो चेतावनी नही,सीधे कार्रवाई होगी।👇 VIDEO 


भोपाल |मध्यप्रदेश गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के 24 घंटे के अंदर दी गई चेतावनी के बाद मशहूर फैशन ब्रांड सब्यसाची ने मंगलसूत्र पर बनाया विज्ञापन वापस ले लिया है। गृहमंत्री ने चेतावनी दी थी कि अगर ये विज्ञापन अगले 24 घंटे में नहीं हटाया तो FIR दर्ज की जाएगी। मंत्री ने सब्यसाची को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था। कि अगर आप में हिम्मत है, तो किसी दूसरे धर्म पर इस तरह का विज्ञापन बनाकर दिखाएं।


सब्यसाची ने वापस लिया विज्ञापन

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के 24 घंटे के ULTIMATAM पर फैशन ब्रांड सब्यसाची ने मंगलसूत्र का ऐड हटाया


गृहमंत्री मिश्रा की चेतावनी और हिंदू संगठनों के विरोध के बाद सब्यसाची ने विज्ञापन वापस ले लिया है। उन्होंने इसके लिए इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट की। इसमें दिए बयान में फैशन ब्रांड ने कहा कि हम इस बात से दुखी हैं कि समाज के वर्ग को विज्ञापन से ठेस पहुंची है। इसलिए हम इस विज्ञापन को वापस ले रहे हैं।




गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था, कि डिजाइनर मुखर्जी का मंगलसूत्र वाला विज्ञापन बेहद आपत्तिजनक है, गहनों की बात करें तो मंगलसूत्र का धार्मिक दृष्टि से सबसे ज्यादा महत्व होता है। हम मानते हैं कि मंगलसूत्र का पीला हिस्सा मां पार्वती हैं और काले हिस्से में भगवान शिव होते हैं। शिवजी की कृपा से महिला और उसके पति की रक्षा होती है। मां पार्वती की कृपा से वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है। ऐसे में इस तरह के विज्ञापन धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले हैं।मंत्री मिश्रा ने  कहा कि हिम्मत है, तो दूसरे धर्म पर इस तरह के विज्ञापन बनाकर दिखाएं।


हिंदू संगठनों ने दिखाई थी नाराजगी


सब्यसाची के मंगलसूत्र विज्ञापन आते ही हिंदू संगठनों में भी गुस्सा देखा जा रहा है। उनका कहना है कि जब भी कोई हिंदू त्यौहार आता है, उसी दौरान सभी की क्रिएटिविटी क्यों सामने आती है। संगठनों का कहना है कि ये विज्ञापन हिंदू रीति-रिवाजों पर हमला है। शादी जैसे पवित्र रिश्ते को भी ये कंपनियां खराब और धूमिल करने में जुटी हुई हैं।