ईद पर जबलपुर कलेक्टर ने दी कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी : किसी भी प्रकार की सूचना से तत्काल अपर जिला दण्डाधिकारी एवं पुलिस कंट्रोल रूम को अवगत करायें। - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

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ईद पर जबलपुर कलेक्टर ने दी कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी : किसी भी प्रकार की सूचना से तत्काल अपर जिला दण्डाधिकारी एवं पुलिस कंट्रोल रूम को अवगत करायें।





ईद पर जबलपुर कलेक्टर ने दी कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी : किसी भी प्रकार की सूचना से तत्काल अपर जिला दण्डाधिकारी एवं पुलिस कंट्रोल रूम को अवगत करायें।



MP - जबलपुर| प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 31 मार्च या 1 अप्रैल को चांद दिखने के अनुसार ईद-उल-फितर का त्यौहार मनाया जायेगा। इस अवसर पर जनसामान्य की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने की दृष्टि से जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिले में पदस्थ सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को ईद-उल-फितर पर अपने-अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी दी है। जिला दण्डाधिकारी श्री सक्सेना ने सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को आदेश दिये हैं कि ईद-उल-फितर पर अपने क्षेत्र का लगातार भ्रमण कर कानून व्यवस्था पर नजर रखें। उन्हें क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों से भी निरंतर समन्वय बनाये रखने के निर्देश दिये गये हैं, तथा किसी भी प्रकार की सूचना से तत्काल अपर जिला दण्डाधिकारी एवं पुलिस कंट्रोल रूम को अवगत कराने कहा गया है।


कार्यपालक दण्डाधिकारियों को नगर निगम एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सफाई, पेयजल एवं प्रकाश के समय पूर्व समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने की हिदायत भी कलेक्टर श्री सक्सेना ने आदेश में दी है बता दें की इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए ईद का पर्व प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है, तो पाक माह रमजान के समापन में होता है। इसे मीठी ईद भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन मीठी सेवइयां बनाई जाती है। इस साल ईद का पर्व की तारीख को लेकर फिर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आइए जानते हैं कि इस साल किस दिन मनाया जाएगा ईद-उल-फितर? इसके साथ ही जानें इसका महत्व…


कब है ईद 

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, 10वें शव्वाल की पहली तारीख और रमजान के आखिरी दिन चांद का दीदार करने के बाद ही ईद-उल-फितर मनाया जाता है। अगर सऊदी अरब  में 30 को चांद दिख गया है, तो भारत में ईद 31 तारीख को होगी और अगर वहां पर चांद 31 मार्च को दिखाई दिया, तो भारत में 1 अप्रैल को ईद का पर्व मनाया जाएगा। ईद की सही तारीख का ऐलान चांद का दीदार करने के बाद ही किया जाता है। इस बार ईद का पर्व 31 मार्च या फिर 1 अप्रैल को हो सकती है। 


ईद का महत्व 

ईद का पर्व भाईचारे और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। रमजान का पाक माह समापन होने के साथ अल्लाह का शुक्रिया किया जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने के साथ एक-दूसरे से गले लगकर ईद की शुभकामनाएं देते हैं। इसके साथ ही फिर जरूरतमंद को ज़कात देते हैं।


ईद पर फितरा क्यों है जरूरी ?

ईद के पर्व में लोग अल्लाह को शुक्रिया कहने के साथ फितरा करते हैं। फितरा को रोज़े का सदक़ा के रूप में होता है। इस दौरान  मुस्लिम समुदाय के लोग जरूरतमंद या फिर गरीबों को सवा दो किलो गेहूं या फिर उसके बराबर पैसे दिए जाते हैं। आप चाहे, तो सवा दो किलो से भी ज्यादा अनाज दे सकते हैं।