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अब्दुल रज्जाक की नियमित जमानत खारिज, 95 लाख की धोखाधड़ी और धमकी

अब्दुल रज्जाक की नियमित जमानत खारिज, 95 लाख की धोखाधड़ी और धमकी मामले में जेल में निरुद्ध





MP- जबलपुर थाना ओमती में दर्ज धोखाधड़ी, कूटरचना, अवैध वसूली और धमकी सहित विभिन्न धाराओं के मामले में आरोपी अब्दुल रज्जाक को न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। 18 सितंबर 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश, जबलपुर की अदालत ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।


पुलिस के अनुसार, थाना ओमती में अजय पटेल की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 374/2024 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 419, 467, 468, 471, 384, 386, 506, 406, 120-बी और 34 के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 भी जोड़ी गई हैं।


जमीन सौदे के नाम पर 95 लाख हड़पने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान आरोप सामने आया कि अब्दुल रज्जाक ने अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित षड्यंत्र करते हुए जमीन बेचने के एवज में 95 लाख रुपये हड़प लिए।

पुलिस ने यह भी बताया कि पेशी के दौरान न्यायालय परिसर में फरियादी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी सामने आया है।


अब्दुल रज्जाक, पिता स्व. हाजी अब्दुल वहीद, उम्र 65 वर्ष, निवासी रिपटा बड़ी ओमती को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में केंद्रीय जेल भोपाल में निरुद्ध है।


पुलिस कर रही मामलों की मॉनिटरिंग

पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में अब्दुल रज्जाक के विरुद्ध जबलपुर में दर्ज मामलों की मॉनिटरिंग की जा रही है।

इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक ओमती सोनू कुर्मी एवं थाना प्रभारी ओमती राजपाल सिंह बघेल के नेतृत्व में पुलिस द्वारा प्रकरण की कार्रवाई की जा रही है।


अदालत में शासन की ओर से आरोपी की नियमित जमानत का विरोध अपर लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने किया।


1991 से दर्ज हैं कई मामले

पुलिस के अनुसार, अब्दुल रज्जाक के विरुद्ध वर्ष 1991 से अब तक मारपीट, अवैध वसूली, बलवा, अवैध हथियार रखने और हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में कई प्रकरण दर्ज रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उसके आपराधिक प्रभाव के कारण आम लोगों और पीड़ितों में भय का माहौल रहता था और कई लोग शिकायत अथवा गवाही देने से डरते थे।