नेहा पच्चीसिया के खिलाफ यह पहली विभागीय कार्रवाई नहीं है। इससे पहले एक ट्रांसपोर्टर की शिकायत में वाहन छोड़ने के एवज में कथित रूप से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप भी सामने आया था। इसके बाद उनके सरकारी ड्राइवर को निलंबित किया गया और CSP से कई थानों का प्रभार वापस लिया गया था।
MP' कटनी/जबलपुर। मध्यप्रदेश के कटनी में पदस्थ नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जमीन सौदे से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले उनके खिलाफ कुठला थाने में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है।
मामला एक हत्या प्रकरण से जुड़े जमीन सौदे का है। जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, सरकारी गाइडलाइन के अनुसार करीब 82.86 लाख रुपये कीमत वाली जमीन की रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपये में कराई गई। इसमें 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि शिकायतकर्ता की ओर से जमीन का वास्तविक सौदा करीब 1.07 करोड़ रुपये का होने का दावा किया गया है।
हत्या के मामले से जुड़ा है जमीन विवाद
मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा गांव में हुए हत्या प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि हत्या के मामले में आरोपी पक्ष की जमीन को लेकर दबाव बनाया गया और बाद में जमीन एक करीबी व्यक्ति के नाम कराई गई। इसी दौरान हत्या के मामले में निर्धारित समय सीमा में चालान पेश नहीं होने और आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने के पहलू की भी जांच हुई।
जांच में जमीन की रजिस्ट्री, भुगतान और बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन की खरीद से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन के तथ्य जांच के दौरान सामने आए।
ASP अनु बेनीवाल की जांच के बाद FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद कुमार वर्मा के निर्देश पर जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को जांच सौंपी गई थी। जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए और रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई। इसके बाद कुठला पुलिस ने CSP नेहा पच्चीसिया सहित तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।
FIR में नेहा पच्चीसिया के साथ क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के नाम शामिल बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपों से जुड़े मामले में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
FIR के बाद CSP कार्यालय सील
FIR दर्ज होने के बाद कटनी CSP के कार्यालय को भी सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि कार्यालय में मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद की गई।
पहले भी हटाया गया था थानों का प्रभार
नेहा पच्चीसिया के खिलाफ यह पहली विभागीय कार्रवाई नहीं है। इससे पहले एक ट्रांसपोर्टर की शिकायत में वाहन छोड़ने के एवज में कथित रूप से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप भी सामने आया था। इसके बाद उनके सरकारी ड्राइवर को निलंबित किया गया और CSP से कई थानों का प्रभार वापस लिया गया था। मामले की जांच भी ASP अनु बेनीवाल को सौंपी गई थी।
इस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
