नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के गठन को कैबिनेट से मिली हरी झंडी, अब सरकारी नौकरियों के लिए एक टेस्‍ट - Jai Bharat Express

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नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के गठन को कैबिनेट से मिली हरी झंडी, अब सरकारी नौकरियों के लिए एक टेस्‍ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट की आज बुधवार को बैठक हुई। इस दौरान कई बड़े फैसले हुए। अब केंद्र सरकार की सरकारी नौकरियों के लिए एक ही टेस्‍ट होगा। केंद्रीय कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश में सरकारी नौकरियों के लिए 20 से ज्यादा भर्ती एजेंसियां हैं। सरकारी नौकरी के लिए युवाओं को बहुत से टेस्ट देने होते हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राष्ट्रीय भर्ती संस्था कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट लेगी जिसका करोड़ों युवाओं को फायदा मिलेगा।
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सीईटी का स्कोर 3 साल तक मान्य रहेगा जिसके दौरान उम्मीदवार अपनी योग्यता और पसंद के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी एक क्रांतिकारी सुधार है। इससे इज ऑफ रिक्रूटमेंट, इज ऑफ सिलेक्शन, इज ऑफ जॉब प्लेसमेंट और इज ऑफ लीविंग आएगा। विशेष रूप से युवाओं के लिए जो किसी असुविधा के कारण बहुत सारी परीक्षाओं में नहीं पहुंच पाते थे।
सरकार के सचिव सी. चंद्रमौली ने कहा कि केंद्रीय सरकार में लगभग 20 से अधिक भर्ती एजेंसियां हैं। अभी हम केवल तीन एजेंसियों की परीक्षा कॉमन कर रहे हैं, समय के साथ हम सभी भर्ती एजेंसियों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट करेंगे।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि
राज्य की DISCOMs को राहत देने के लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन इनको वर्किंग कैपिटल 25 फीसदी आधी लोन देने का जो अधिकार था वो इस साल वर्किंग कैपिटल लिमिट से ऊपर मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इथेनॉल भी सरकार अच्छे दाम पर लेती है। सरकार ने पिछले साल 60 रु. प्रति लीटर के दाम पर 190 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदा था।
उन्होंने कहा कि 1 करोड़ गन्ना किसानों के लिए लाभकारी मूल्य बढ़ाकर 285 रु. प्रति क्विंटल निश्चित हुआ है। ये 10% रिकवरी के आधार पर है। अगर रिकवरी 9.5% या उससे भी कम रहती है तो भी गन्ना किसानों को संरक्षण देते हुए 270 रु. दाम मिलेगा।