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PILATES DEAL : ED ने पीएमएलए मामले में 14 स्थानों पर छापेमारी की, विमानों की खरीद में भ्रष्टाचार से जुड़ा है मामला



नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2009 में भारतीय वायु सेना के लिए 2893 करोड़ रुपये की 75 पिलेट्स पीसी-7 प्रशिक्षक विमानों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े धनशोधन के मामले में देश के 14 स्थानों पर शुक्रवार को छापेमारी की। ईडी के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि संजय भंडारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए मामले के सिलसिले में विभिन्न स्थानों पर तलाशी चल रही है।

दिल्ली में 12, हरियाणा के गुरुग्राम में एक और गुजरात के सूरत में एक स्थान पर छापेमारी की गई है। ईडी की इस कार्रवाई से पहले एजेंसी ने भंडारी, स्विस कंपनी पिलेट्स एयरक्राफ्ट लिमिटेड और भारतीय वायु सेना व रक्षा मंत्रालय के कुछ अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्रशिक्षक विमान सौदे में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला दर्ज किया था।

भंडारी लंदन में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के लिए कथित तौर पर एक 'बेनामी' घर खरीदने के लिए पहले से ही जांच के दायरे में हैं। ईडी ने प्राथमिक जांच (पीई) के बाद पिछले साल जून में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया था। सीबीआई के अनुसार, वायु सेना ने 75 मूल प्रशिक्षक विमानों की खरीद के लिए 16 दिसंबर, 2009 को एक अनुरोध प्रस्ताव जारी किया था।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि स्विटजरलैंड की पिलेट्स एयरक्राफ्ट लिमिटेड सौदे के लिए बोली लगाने वालों में से एक थी, जिसने डिफेंस प्रोक्योरमेंट का उल्लंघन करते हुए जून 2010 में सर्विस प्रोवाइडर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करके बिमल सरीन और भंडारी के साथ आपराधिक साजिश रची।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि 339 करोड़ रुपये तक की रिश्वत का भुगतान कुछ अज्ञात वायु सेना और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए किया गया था, जो खरीद प्रक्रिया से जुड़े थे।

अनुबंध प्राप्त करने के लिए, 2011 से 2015 तक, पिलेट्स एयरक्राफ्ट ने कथित रूप से भंडारी से संबंधित दुबई स्थित कंपनी ऑफसेट इंडिया सॉल्यूशंस एफजेडसी के बैंक खातों में भुगतान किया था। पिछले महीने ईडी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संपग्र) शासन के दौरान हुए सैमसंग-ओएनजीसी सौदे के संबंध में भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।