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भारत ने चीन को दिया एक और झटका, NHAI ने इन चीनी कंपनी को घोषित किया अयोग्य

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद की वजह से केंद्र सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority of India) ने चीन की एक कंपनी को अयोग्य घोषित कर दिया है। दरअसल पश्चिम बंगाल (West Bengal) में गंगा नदी पर एक निर्माणाधीन पुल का गार्डर गिरने के मामले वह कंपनी जिम्मेदार पाई गई थी। यही वजह है कि अब कंपनी अगले तीन साल तक NHAI की किसी भी परियोजना में भाग नहीं ले सकती है। इसी के साथ तीन अन्य कंसलटेंट (Consultants) को भी डिबार किया गया है।
इस मामले की जांच में फंसी कंपनी
NHAI से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल में एनएच 34 पर फरक्का से रानीगंज के हिस्से को फोर लेन सड़क में बदला जा रहा है और इसी हिस्से में गंगा नदी पर एक पुल बनाया जा रहा है। उसी पुल पर गार्डर लांचिंग के दौरान बीते 16 फरवरी को दुर्घटना हुई थी और दो लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में पुल के विशेषज्ञों से जांच करायी गई थी। जांच प्रक्रिया में ही चीन की यह कंपनी भी जिम्मेदार पाई गई।
NHAI के मुताबिक इस परियोजना को कार्यरूप दे रही चीन की कंपनी क्विंगदाओ कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग (Qingdao Construction Engineering) ग्रुप कंपनी लिमिटेड और घरेलू कंपनी आरकेईसी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (RKEC Projects Ltd) पर संयुक्त रूप से भविष्य में किसी परियोजना में भागीदार बनने से रोक लगा दी है।
इन लोगों की कमी की वजह से गिरा था पुल
इस परियेाजना में हुई दुर्घटना के बाद एनएचएआई ने मामले की जांच के लिए एक पुल विशेषज्ञ की नियुक्ति की थी। विशेषज्ञ ने अपनी जांच में घटना का जिम्मेदार ठेकेदार, डिजाइन कंसलटेंट और लॉन्चिंग गार्डर के डिजाइनर के बीच कोओर्डिनेशन की कमी को पाया। जांच में ठेकेदार और कंसलटेंट को डिजाइन और लॉन्चिंग गार्डर प्रणाली में दोष के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। जांच के दौरान वह इस असफलता के लिए कोई ठोस कारण पेश नहीं कर सके थे।