भारत में चीनी ऐप्स का मार्केट शेयर 9 फीसदी गिरा, देसी ऐप्स का चल रहा जादू - Jai Bharat Express

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भारत में चीनी ऐप्स का मार्केट शेयर 9 फीसदी गिरा, देसी ऐप्स का चल रहा जादू

 


केंद्र सरकार द्वारा चीन के टिकटॉक, पबजी जैसे पॉपुलर ऐप्स के बैन होने के बाद भारत के कई देसी ऐप्स का यूज बढ़ा है. चीनी ऐप्स का मार्केट शेयर साल 2020 में 38 फीसदी से घटकर 29 पर आ गया है.

पिछले साल शुरू हुए भारत और चीन के सीमा विवाद के बाद चीनी ऐप्स पर लगाए गए बैन का असर दिख रहा है. दरअसल साल 2020 में चीनी ऐप्स का मार्केट शेयर गिर गया है और इंस्टॉलेशन के लिहाज से मेड इन इंडिया ऐप्स ने तेजी से ग्रोथ की है. मोबाइल वर्क रिलेशन और मार्केट एनालिसिस की ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन AppsFlyer की रिपोर्ट "स्टेट्स ऑफ ऐप मार्केटिंग इन इंडिया इन 2021" के मुताबिक सेमी-अरबन क्षेत्रों की वजह से भारत की ऐप इकोनॉमी में इजाफा हुआ है और घरेलू ऐप ने विदेशी कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए मोबाइल मार्केट शेयर में अपनी धाक जमाई है.

चीनी ऐप्स का मार्केट शेयर 38% से घटकर हुआ 29%
AppsFlyer के रीजनल मैनेजर संजय त्रिसाल ने बताया कि चीनी ऐप का कुल मार्केट शेयर 38 फीसदी से घटकर 29 फीसदी पर आ गया है. वहीं भारतीय ऐप ने 2020 में मौके का फायदा उठाया. भारत का मार्केट शेयर 39 फीसदी तक पहुंच गया है. त्रिसाल ने कहा कि इस तेजी से बढ़ते बाजार में इजरायल, अमेरिका, रूस और जर्मनी के ऐप तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और ये चीन के लिए चुनौती बन सकते हैं. स्टडी के मुताबिक एक जनवरी से 30 नवंबर 2020 के बीच भारत में कुल 7.3 अरब 'इंस्टॉलेशन' का एनालिसिस किया गया, जिसमें एंटरटेनमेंट, फाइनेंस, शॉपिंग, गेमिंग, न्यूज, फूड और बिवरेज, ट्रैवल और यूटिलिटी से जुड़े 4519 ऐप शामिल हैं.


सस्ते मोबाइल डेटा से बढ़ा यूज
AppsFlyer की तरफ से एक बयान में कहा गया कि डेटा सैंपल में 93300 करोड़ ऐप ओपन और 300 करोड़ रीमार्केटिंग ट्रांसफॉर्मेशन शामिल हैं. सेमी-अर्बन क्षेत्रों की मांग ने इंडियन ऐप के कंजप्शन को बढ़ा दिया है. भारत के सबसे बड़े आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश ने 12.10 फीसदी पर नॉन-ऑर्गनिक एस्टाब्लिशड (एनओआई) बाजार का नेतृत्व किया. वहीं सस्ते मोबाइल डेटा और हैंडसेट की उपलब्धता के चलते टियर दो, तीन और चार शहरों में गेमिंग, फाइनेंस और मनोरंजन में मोबाइल यूज में इजाफा देखा गया है.


देसी ऐप का चला जादू
चीन से विवाद के बाद भारत सरकार ने पिछले साल जून में टिकटॉक समेत कई चीनी ऐप पर बैन लगाया था. इस बैन के बाद देश में कई टिकटॉक जैसे शॉर्ट वीडियो ऐप्स लॉन्च हुए जिन्होंने कम समय में ही अपना वर्चस्व कायम कर लिया. इनमें चिंगारी, रोपोसो, एम एक्स टकाटक और दूसरे ऐप्स शामिल हैं. बता दें कि रोपोसो देश के करीब 40 फीसदी स्मार्टफोन में इंस्टॉल है.