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कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए पूरे देश में लग सकता है लॉकडाउन? जानिए वित्त मंत्री निर्मला ने




नई दिल्ली | 24 घंटे में कोरोना केसों की संख्या करीब 2 लाख तक पहुंचने के बाद लोग एक बार फिर आशंकित हैं कि क्या देश एक बार फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है? क्या संक्रमण रोकने का यही एक उपाय बचा है? इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ल्ड बैंक को बताया है कि मोदी सरकार पिछले साल की तरह संपूर्ण लॉकडाउन पर विचार नहीं कर रही है और इस बार लोकल कंटेनमेंट जोन में ही पाबंदियां लगाई जा रही हैं।

वर्ल्ड बैंक ग्रुप प्रेजिडेंट डेविड मालपास के साथ मंगलवार को एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान सीतारमण ने कहा कि इस समय पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन की कोई गुंजाइश नहीं है। बुधवार को देश में 1.84 लाख लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए तो एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक केस वाले राज्य महाराष्ट्र में आज रात से 15 दिनों के लिए लॉकडाउन जैसी पाबंदियों की घोषणा की गई है।

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट किया, ''वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए भारत की ओर से उठाए जा रहे कदमों को साझा किया, जिनमें टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, वैक्सीनेशन और कोविड अप्रोप्रिएट बिहेवियर शामिल है।''

सीतारमण ने कहा, ''दूसरी लहर के बावजूद, हम बहुत स्पष्ट हैं कि बड़े पैमाने पर लॉकडाउन नहीं करने जा रहे हैं। हम पूरी तरह इकॉनमी को कैद नहीं करना चाहते। मरीजों या क्वारंटाइन वाले घरों को स्थानीय स्तर पर आइसोलेट करके संकट से निपटा जाएगा। लॉकडाउन नहीं होने जा रहा है।''

वर्ल्ड बैंक के बयान के मुताबिक, मालपास और वित्त मंत्री ने ग्रुप और भारत के बाच पार्टनरशिप के महत्व पर चर्चा की, जिनमें सिविल सर्विस और फाइनेंशल सेक्टर रिफॉर्म, वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट और हेल्थ शामिल हैं। उन्होंने भारत के कोविड-19 से निपटने के उपाय और वैक्सीन उत्पादन क्षमता पर भी बात की।