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बंगालः मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिजनों ने SC का खटखटाया दरवाजा



नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा (Political Violence in Bengal) का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीजेपी कार्यकर्ताओं की लगातार हत्या (BJP Workers Murder) की जा रही है. विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भी हिंसा देखने को मिलनी थी जिसमें बीजेपी पार्टी के दफ्तरों में आग लगा दी गई थी. और कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया था. इन हिंसक झड़पों में बीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार (Abhijit Sarkar) और होरोम अधिकारी (Horom Adhikari) की हत्या तक कर दी गई थी. अभिजीत सरकार ने तो फेसबुक पर लाइव करके टीएमसी कार्यकर्ताओं की गुंडई को पूरे देश को दिखाया था. जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी.

वहीं ममता सरकार (Mamata Banerjee Government) इस हिंसा को लेकर कोई ठोस कदम उठाते हुए नहीं दिख रही है. और ना ही पुलिस इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करती हुई नजर आ रही है. जिसके चलते पीड़ित परिवार ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. पीड़ित परिवार ने इस हिंसा की जांच की CBI या SIT से कराने की मांग की है. अभिजीत सरकार के भाई और होरोम अधिकारी की पत्नी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की गई है. दोनों ही परिवारों ने इन हत्याओं की कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग की गई है. आज इस मामले की सुनवाई हुई।

पीड़ित परिवारों की ओर से सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी कोर्ट में पेश हुए. कोर्ट में उन्होंने कहा कि ये गम्भीर मसला है. दो लोगों की निर्दयता से हत्या कर दी गई, लेकिन राज्य सरकार कुछ नहीं कर रही है. उन्होंने कोर्ट से कहा कि इन मामलों की जांच CBI या SIT को सौंप दी जाए. कोरोना के कारण ये सुनवाई वर्चुअल तरीके से की गई. बीच में एक बार एडवोकेट महेश जेठमलानी के सिग्नल वीक होने के कारण कोर्ट को सुनवाई थोड़ी देर के लिए रोकनी पड़ी. बता दें कि अभिजीत सरकार ने फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी बात रखी थी. उन्होंने बताया कि TMC के गुंडे लगातार बमबारी कर रहे थे और उन्होंने उनके घर और दफ्तर को तहस-नहस कर डाला. उन्होंने कहा कि उनकी एक ही गलती है कि वे भाजपा कार्यकर्ता हैं।अभिजीत ने अपने वीडियो में बताया था कि उन्होंने कई बेसहारा कुत्तों को पाला था. उनमें से एक मादा कुत्ते ने कुछ बच्चों को भी जन्म दिया था. टीएमसी के गुंडों ने कुत्ते के बच्चों को भी नहीं बख्शा और उन सभी को मार डाला।