मानसिक तनाव के चलते डोमिनिका कोर्ट में पेश नहीं हुआ Mehul Choksi, 25 जून तक टली सुनवाई - Jai Bharat Express

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मानसिक तनाव के चलते डोमिनिका कोर्ट में पेश नहीं हुआ Mehul Choksi, 25 जून तक टली सुनवाई



पीएनबी घोटाले का आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी 14 जून को डोमिनिका की एक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश नहीं हो सका, जिसके बाद अदालत ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के कैरेबियाई द्वीपीय देश में अवैध तौर पर दाखिल होने से जुड़ी सुनवाई 25 जून तक के लिए स्थगित कर दी. मीडिया वेबसाइट ‘नेचरआइसलेन्यूज’ के मुताबिक सोमवार को मजिस्ट्रेट अदालत ने चोकसी के 23 मई को अवैध तौर पर देश में दाखिल होने के मामले की सुनवाई शुरू की. चोकसी की कानूनी टीम ने अदालत को डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल के डॉक्टरों का एक मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया जिसमें बताया गया कि चोकसी मेंटल स्ट्रेस में है और उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया है.

मुख्य मजिस्ट्रेट केरेटे जॉर्ज ने मामले की सुनवाई 25 जून तक स्थगित कर दी और चोकसी को अस्पताल में पुलिस की निगरानी में रखने का आदेश दिया. मुख्य मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों से कहा कि चोकसी को आगे की हिरासत के लिए 17 जून को अदालत के सामने पेश करें. चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में वांछित है. लंदन में चोकसी के वकील माइकल पोलाक ने सोमवार को एक बयान जारी कर दावा किया कि कुछ नए सबूत मिले हैं जिससे पता चलता है कि बारबरा जबारिका एक नौका में ठहरने के लिए बुकिंग का पता लगा रही थी. चोकसी अंतिम बार बारबरा के साथ नजर आया था. पोलाक ने दो वीडियो भी जारी किए हैं.

वहीं, मेहुल चोकसी के खिलाफ सीबीआई ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करते हुए आरोप लगाया है कि मेहुल चोकसी ने गीतांजलि जेम्स के जरिए 6,498 करोड़ रुपये की चपत लगाई है, जिसमें 142 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग, 311 फर्जी इनवॉइस और 58 फर्जी फॉरेन लेटर का इस्तेमाल किया गया. चोकसी के खिलाफ ये चार्जशीट 10 जून को मुंबई की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में दायर की गई. मेहुल चौकसी के खिलाफ पहली चार्जशीट 2018 में दायर की गई थी. मेहुल चोकसी एक समय में हीरे का बिजनेस टाइकून था, जो अब एक बड़ा जालसाज है. चोकसी पर आरोप है कि उसने तेजी से डायमंड जेम्स की ज्वेलरी का बिजनेस अगल-अलग ब्रांड के नाम से शुरू किया, जिससे उसने 6,498 करोड़ रुपये की चपत लगाई.




भारत में मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ 13,500 करोड़ रुपये से अधिक का धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज है. मोदी और चोकसी दोनों फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच का सामना कर रहे हैं. मेहुल चोकसी पर एंटीगा में भी दो मामले चल रहे हैं. एक भारत में उसके प्रत्यर्पण से संबंधित है और दूसरा उसकी नागरिकता के रद्द करने से संबंधित है. इस साल मई में डोमिनिकन कोस्ट गार्ड द्वारा चोकसी को अवैध रूप से देश में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.






डोमिनिका में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष उनकी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया गया था क्योंकि उनका डोमिनिका से कोई संबंध नहीं था. इसके बाद मेहुल चोकसी ने जमानत के लिए डोमिनिकन हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद डोमिनिका हाई कोर्ट ने पड़ोसी एंटीगुआ और बारबुडा से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने के बाद द्वीपीय देश में अवैध रूप से घुसने के मामले में चोकसी को जमानत देने से इनकार कर दिया. चोकसी 2018 से एंटीगुआ और बारबुडा में नागरिक के तौर पर रह रहा है. समाचार संस्थान एंटीगुआ न्यूजरूम की खबर के अनुसार हाई कोर्ट ने 11 जून को (स्थानीय समयानुसार) अपने फैसले में कहा कि चोकसी के ‘भागने का खतरा’ है. चोकसी ने मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया था.