किसानों को तोहफा: तुअर, उड़द और तिल की MSP बढ़ी, कैबिनेट से मिली मंजूरी - Jai Bharat Express

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किसानों को तोहफा: तुअर, उड़द और तिल की MSP बढ़ी, कैबिनेट से मिली मंजूरी



नई दिल्ली:कैबिनेट ने बुधवार को विपणन सीजन 2021-22 के लिए खरीफ फसलों के लिए MSP को मंजूरी दी है. केंद्र सरकार ने कहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है. तिल में 452 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है. वहीं अरहर और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन मौसम 2021-22 के लिए सभी खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का MSP को उत्पादन लागत के 1.5 गुना (अथवा उत्पादन लागत पर कम से कम 50 फीसदी मुनाफा) के स्तर पर निर्धारित करने की दिशा में एक क्रन्तिकारी फैसला है.

MSP है और MSP आगे भी रहेगी: नरेंद्र सिंह तोमर
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत 7 वर्षों में लगातार कृषि के क्षेत्र में एक के बाद एक अनेक ऐसे निर्णय हुए जिससे किसान की आमदनी बढ़े. उन्होंने कहा कि किसान महंगी फसलों की ओर आकर्षित हो, किसान के घर में खुशहाली आये और खेती फायदे का सौदा बने. उन्होंने कहा कि MSP है और MSP आगे भी रहेगी. लगातार रबी और खरीफ की MSP घोषित भी की जा रही है. MSP चल रही है, MSP बढ़ रही है और MSP पर खरीद भी बढ़ रही है.

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि रबी विपणन मौसम 2020-21 (6 जून 2021 तक) में धान की खरीद के लिए किसानों को सीधे DBT के माध्यम से 1,53,515.20 करोड़ रूपए हस्तांतरित किए गए हैं. रबी विपणन मौसम 2020-21 (6 जून 2021 तक) में गेहूं की खरीद के लिए किसानों को सीधे DBT के माध्यम से 82,347.39 करोड़ रूपए हस्तांतरित किए गए हैं.

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जारी खरीफ विपणन मौसम (KMS) 2020-21 (6 जून 2021 तक) हेतु, पिछले साल के 736.36 LMT की तुलना में, MSP पर 813.11 LMT से अधिक धान की खरीद की गई, जिससे कि जारी KMS के लिए 120 लाख से अधिक किसानों को लाभ हुआ है. पिछले वर्ष के 372.23 LMT खरीद की तुलना में, अब तक लगभग 416.95 LMT से अधिक गेहूं की खरीद हुई है, जिससे लगभग 45.67 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं.