जिला दण्डाधिकारी कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध धारा 188 एवं अन्य सभी कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी - Jai Bharat Express

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जिला दण्डाधिकारी कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध धारा 188 एवं अन्य सभी कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी


50 प्रतिशत क्षमता के साथ हो सकेगा गरबा का आयोजन।

15 अक्टूबर से शत-प्रतिशत क्षमता से संचालित होंगे कोचिंग संस्थान।

चल समारोह व जुलूस प्रतिबंधित, भंडारा और लंगर पर रोक, मूर्ति विसर्जन हेतु 10 लोगों की अनुमति,पूजा स्थलों में 50 प्रतिशत की अनुमति,सिनेमा घर व थियेटर 50 फीसदी क्षमता से होंगे संचालित,विवाह में 300 व्यक्तियों की अनुमति,

जिले के नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 11.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू प्रभावशील रहेगा। 

जबलपुर|कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिये राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा जारी निर्देश के परिपालन में जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहारों के मद्देनजर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके तहत सोसायटियों, कॉलोनियों और मोहल्लों में गरबा आयोजन स्थल की क्षमता के 50 प्रतिशत की सीमा तक गरबा का आयोजन किया जा सकेगा। व्यावसायिक स्तर पर वृहद स्वरूप के गरबा आयोजनों की अनुमति नहीं होगी। 

चल समारोह व जुलूस प्रतिबंधित

सभी सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरजंन, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन, मेले, धार्मिक चल समारोह आदि जिनमें जनसमूह एकत्रित होता है, प्रतिबंधित रहेगें एवं समस्त प्रकार के आयोजनों के लिये चल समारोह और जुलूस निकालने की अनुमति नही होगी। 

भंडारा और लंगर पर रोक

प्रतिमा के लिए पण्डाल का "आकार अधिकतम 30 बाय 45 फीट" रखा जा सकेगा। समस्त पंडाल निर्माता आयोजक ऐसे पंडाल स्थापित न करे जिससे संकुचित जगह के कारण श्रद्वालुओं एवं दर्शको की भीड़ की स्थिति निर्मित हो तथा फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन न हो सके। खुले भोजन, नाश्ता करने के लिये भंडारे और लंगर के आयोजन प्रतिबंधित होंगे। आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ एकत्रित न हो तथा फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन कराये जाने की व्यवस्था आयोजकों द्वारा सुनिश्चित् की जावेगी, इस हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी की अनुमति आवश्यक है। 

मूर्ति विसर्जन हेतु 10 लोगों की अनुमति

मूर्ति विसर्जन सम्बन्धित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा। मूर्ति को विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को पृथक से अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। मूर्ति का विसर्जन नर्मदा नदी में न कर स्थानीय ग्रामीण, नगरीय निकाय एवं नगर निगम द्वारा चिन्हित कुण्डों, स्थलों पर ही किया जावेगा तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों का पालन किया जावेगा। 

15 अक्टूबर से सौ-फीसदी क्षमता से खुलेंगे कोचिंग

 समस्त कोचिंग संस्थान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत की सीमा तक संचालित किये जा सकेंगे। शुक्रवार 15 अक्टूबर से 100 प्रतिशत की क्षमता पर कोचिंग संस्थान एवं प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो सकेंगे। कोविड-19 प्रोटोकोल का पालन कोचिंग संस्थान के संचालक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजक को सुनिश्चित् कराना बंधनकारी होगा। 

पूजा स्थलों में 50 प्रतिशत की अनुमति 

समस्त धार्मिक, पूजा स्थल की क्षमता के 50 प्रतिशत की सीमा तक श्रद्धालु, अनुयायी उपस्थित रह सकेंगे। 

सिनेमा घर व थियेटर 50 फीसदी क्षमता से होंगे संचालित 

समस्त प्रकार की दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, शॉपिंग मॉल, जिम अपने नियत समय तक खुल सकेंगे। सिनेमा घर एवं थियेटर कुल क्षमता के 50 प्रतिशत की सीमा तक संचालित किये जा सकेंगे। सभी के लिये कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन बंधनकारी होगा। समस्त वृहद, मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग अपनी पूर्ण क्षमता पर कार्य कर सकेंगे तथा निर्माण गतिविधियां सतत् चल सकेंगी। 

जिम व योगा केन्द्रों का संचालन

जिम, फिटनेस सेन्टर, योगा केन्द्रों का संचालन इनकी क्षमता के 50 प्रतिशत की क्षमता तक कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुये संचालित किये जा सकेंगे। 15 अक्टूबर से 100 प्रतिशत क्षमता पर इनका संचालन किया जा सकेगा। समस्त खेलकूद के स्टेडियम एवं स्वीमिंग पूल खुल सकेंगे तथा खेल आयोजनों में स्टेडियम दर्शक दीर्घा में क्षमता के 50 प्रतिशत तक दर्शक शामिल हो सकेंगे। समस्त रेस्टोरेंट एवं क्लब 100 प्रतिशत क्षमता से कोविड-19 प्रोटोकाल की शर्त का पालन करते हुये खुल सकेंगे। 

विवाह में 300 व्यक्तियों की अनुमति

विवाह आयोजनों में दोनो पक्षो को मिलाकर अधिकतम 300 अतिथि व व्यक्ति शामिल हो सकेंगे। आयोजन में कोविड-19 महामारी की रोकथाम हेतु समस्त प्रोटोकाल का पालन किया जाना आयोजकों द्वारा सुनिश्चित् कराया जायेगा।  अधिकतम 200 व्यक्तियों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार की अनुमति रहेंगी।

रावण दहन के वृहद् आयोजन की अनुमति नहीं 

रावण दहन के पूर्व परम्परागत श्रीराम के चल समारोह की प्रतीकात्मक रूप से अनुमति होगी। रामलीला तथा रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क तथा सोशल डिस्टेसिंग की शर्त पर आयोजन समिति द्वारा संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त कर की जा सकेगी। रामलीला का आयोजन मैदान, हॉल की क्षमता की 50 प्रतिशत सीमा तक दर्शक शामिल हो सकेंगे। रावण दहन के वृहद आयोजन, जिनका स्वरूप मेले समान होता है की अनुमति नही होगी। 

गरबा के व्यावसायिक आयोजन की अनुमति नहीं

गरबा का आयोजन सोसायटियों, कॉलोनियों, मोहल्लों में मोहल्ला वासियों, कॉलोनी वासियों की आयोजन समिति द्वारा आयोजन स्थल की क्षमता के 50 प्रतिशत की क्षमता तक की उपस्थिति में संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी को पर्याप्त समय पूर्व सूचित कर किया जा सकेगा। व्यावसायिक स्तर पर वृहद स्वरूप के गरबा आयोजनों की अनुमति नहीं होगी। 

अर्न्तराज्यीय तथा राज्यातंरिक व्यक्तियों, माल एवं सर्विसेज का आवागमन निर्बाध रहेगा। जिले के नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 11.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू प्रभावशील रहेगा। 

अनुमत्य आयोजनों, समारोहो में डी.जे, बैण्डबाजे की सर्वोच्च न्यायालय के जारी आदेशो के अधीन रात्रि 10.00 बजे तक उपयोग की अनुमति रहेगी। जबलपुर जिले की राजस्व सीमा के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को सार्वजनिक स्थल पर मास्क लगाना, मुँह ढकना अनिवार्य है। झांकियों, पण्डालों, विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु, दर्शक, व्यक्ति फेस कवर, फिजिकल डिस्टेंसिग एवं सेनेटाईजर का प्रयोग के साथ ही राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये एस.ओ.पी एवं दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित् किया जाये।

जिले की राजस्व सीमा के अंतर्गत समस्त सुपरबाजार, मॉल, दुकान, मार्केटिंग कॉम्पलेक्स आदि समस्त व्यावसायिक संस्थानों के दुकानदार, मालिक, संचालक, प्रबंधक आदि बिना फेस मास्क लगाये आने वाले ग्राहको, व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की सेवा प्रदाय नहीं करेगें और न ही उन्हें प्रवेश करने की अनुमति देंगे। इसकी जबाबदेही संबंधित संस्था की होगी। 

समस्त यात्री वाहन जैसे – बस, टैक्सी, ऑटो रिक्शा आदि के संचालक ड्रायवर, कंडक्टर बिना मास्क के वाहन चालन नही करेंगे एवं यात्रियों से भी फेस मास्क, फेस कवर लगवाना सुनिश्चित् करेंगे। 

इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम तथा भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य सभी कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।