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पत्थर के अवैध उत्खनन के मामले में जबलपुर कलेक्टर ने ठोंका 82 करोड़ से ज्यादा का जुर्मना

अवैध उत्खनन के मामले में बांगड़ इंफ्रा पर 82 करोड़ का अर्थदंड अधिरोपित कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने दिया फैसला





जबलपुर |जबलपुर तहसील के मानेगांव क्षेत्र में पत्थर के अवैध उत्खनन को लेकर कलेक्टर न्यायालय में चल रहे प्रकरण में शुक्रवार को फैसला देते हुये कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने मेसर्स बांगड़ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रोपराइटर बाँसवाडा राजस्थान निवासी विनोद जैन पर 82 करोड़ 14 लाख 66 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है ।


     कलेक्टर न्यायालय में यह प्रकरण 26 मार्च 2021 को जिला खनिज अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किया गया था,अवैध उत्खनन के यह मामला खनिज एवं राजस्व विभाग तथा उड़न दस्ता प्रभारी द्वारा प्राप्त शिकायत की जाँच के दौरान सामने आया था । जाँच में पाया गया था कि बांगड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के साथ-साथ स्वीकृत क्षेत्र के बाहर भी दक्षिण-पश्चिमी एवं उत्तर-पूर्व दिशा में पत्थर का अवैध उत्खनन किया गया है । जबकि उसे मानेगांव की खसरा नम्बर 105 की 2 हेक्टेयर भूमि पर 27 मार्च 2019 से 22 नवम्बर 2022 की अवधि के लिये उत्खनिपट्टा का हस्तांतरण किया गया था । जांच के दौरान स्वीकृत क्षेत्र से बाहर के इस हिस्से की नपाई भी की गई । नपाई में 187 मीटर लंबाई, 117 मीटर चौड़ाई और 27 मीटर गहराई तक अर्थात कुल 5 लाख 90 हजार 733 घनमीटर पत्थर का अवैध उत्खनन किया गया है । यही नहीं बांगड़ इंफ्रा द्वारा इसके लिये पर्यावरण सबंधी कोई अनुमति भी नहीं ली गई थी ।



        कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने इस मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों, कारण बताओ नोटिस का जबाब, खनिज अधिकारी के प्रतिवेदन और जिला लोक अभियोजन अधिकारी के अभिमत का परीक्षण के बाद पारित किये गये आदेश में मध्यप्रदेश गौड़ खनिज अधिनियम 1996 के नियमों का बांगड़ इंफ्रा द्वारा दूसरी बार उल्लंघन करने पर पूर्व में 1 लाख 80 हजार घनमीटर पत्थर के अवैध उत्खनन के दर्ज हुये प्रकरण के निराकरण के बाद शेष 4 लाख 10 हजार 733 घनमीटर पत्थर के अवैध उत्खनन पर रॉयल्टी के 40 गुना राशि के बराबर अर्थात 82 करोड़ 14 लाख 66 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है । उन्होंने कम्पनी के प्रोपराइटर को अर्थदंड की राशि चालान से शासन के खाते में शीघ्र जमा करने तथा राशि जमा करने के बाद चालान की राशि खनिज अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने निर्देश भी दिये हैं ।