कॉर्पोरेट सेक्टर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सख्त संदेश दिया—"सिर्फ लाभ की नहीं, अब पर्यावरण और समाज की जिम्मेदारी की भी जवाबदेही जरूरी है।"
इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय छात्र दीक्षांत समारोह में बोलते हुए राष्ट्रपति ने जलवायु परिवर्तन की भयावहता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 'वहनीयता' अब सिर्फ CSR रिपोर्ट का हिस्सा नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट नीति का मूल बनना चाहिए।उन्होंने लागत लेखाकारों से अपील की कि वे अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता को सामाजिक कल्याण की दिशा में उपयोग करें। "आप वित्तीय डेटा को सामाजिक प्रभाव में बदल सकते हैं," उन्होंने छात्रों से कहा।
कॉर्पोरेट मामलों की सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने भी तकनीकी नवाचार के बिना प्रतिस्पर्धा में बने रह पाना असंभव बताया।