पंजाब के तरनतारन जिले से आई यह खबर न केवल एक महिला की मौत की सूचना है, बल्कि एक समाज के आत्महत्या करने की त्रासदी भी है। संजना उर्फ लव, एक नवविवाहिता, जिसे ना सिर्फ दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया, बल्कि "बांझ" कहकर उसकी अस्मिता को रोज़ चीर दिया गया।
कभी माँ ना बन पाने का बोझ, तो कभी दहेज की मांग, और हर दिन अपमान का ज़हर। आखिरकार, रविवार सुबह एक और संजना ने दुपट्टे से लटककर इस क्रूर समाज से मुक्ति पा ली। सवाल यह नहीं कि संजना मरी क्यों, सवाल यह है कि हम चुप क्यों हैं?