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BJP से सांठ-गांठ का आरोप! कपिल सिब्बल ने वापस लिया अपना बयान, बोले- राहुल गांधी से बात हो गई, उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा

नई दिल्ली: कांग्रेस कार्य समिति की हंगामेदार बैठक में सोमवार को राहुल गांधी ने पत्र लिखने वाले सभी नेताओं को भाजपा का एजेंट बता दिया. इसके बाद पत्र लिखने वाले नेताओं में से एक गुलाब नबी आजाद ने कहा कि अगर ये साबित हो जाय कि वो भाजपा से सांठ-गांठ कर रहे हैं तो वो पार्टी छोड़ देंगे. हालांकि बाद में कांग्रेस ने इनकार किया है कि राहुल गांधी ने ऐसी कोई टिप्पणी की है. बता दें कि इस पत्र पर कपिल सिब्बल, शशि थरूर, गुलाम नबी आज़ाद, पृथ्वीराज चव्हाण, विवेक तनखा और आनंद शर्मा जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के हस्ताक्षर है.
सोमवार को राहुल की इस कथित टिप्पणी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट कड़ी आपत्ति जताई. कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर कहा, “राहुल गांधी कहते हैं कि हमारी बीजेपी के साथ मिली भगत है. राजस्थान हाई कोर्ट में कांग्रेस का सफलता पूर्वक बचाव किया. मणिपुर में बीजेपी की सरकार गिराने के लिए पार्टी का बचाव. पिछले 30 साल में कभी भी किसी भी मुद्दे पर बीजेपी के पक्ष में बयान नहीं दिया. फिर भी हमारी बीजेपी के साथ मिली भगत हैं!”
हालांकि बाद में राहुल गांधी ने खुद उनसे बात की जिसके बाद कपिल सिब्बल ने अपना बयान वापस ले लिया. कपिल सिब्बल ने अगले ट्वीट किया में कहा, ”मुझसे राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है जैसा मीडिया में कहा जा रहा है. मैं अपना वो ट्वीट वापस लेता हूं.”
इससे पहले पत्र लिखने वालों पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने इसकी टाइमिग को लेकर सवाल उठाए और कहा कि ऐसे समय में जब सोनिया गांधी बीमार थी तब चिट्ठी लिखने की क्या जरूरत थी. क्या जरूरत थी पत्र लिखने की. राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे समय में जब सोनिया गांधी बीमार थी और राजस्थान में राजनीतिक संकट चल रहा था तब पत्र लिखने की क्या जरूरत थी.