क्यों सबसे पहले की जाती हैं गणेश जी की पूजा ? - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

क्यों सबसे पहले की जाती हैं गणेश जी की पूजा ?

हिन्दू धर्म में श्री गणेश का प्रमुख स्थान है. किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले गणेश जी को याद किया जाता है. सर्वप्रथम गणेश जी को निमंत्रण देने और उनकी पूजा करने का प्रावधान है. इस बात से तो हम सभी भली-भांति परिचित है, लेकिन क्या आपने यह सोचा है कि इतने देवी-देवताओं में से आख़िर गणेश जी का पूजन ही पहले क्यों किया जाता है ? आइए अब अपने इस प्रश्न का उत्तर जान लीजिए.

इसलिए श्री गणेश है प्रथम पूजनीय
एक बार सभी देवताओं में खुद को बड़ा कहने की होड़ लग गई और विवाद होने लगा कि किस देवता का पूजन सर्वप्रथम होना चाहिए. तब नारद जी ने सभी से कहा कि आप यह प्रश्न भगवान शिव से कीजिए. भगवान शिव के समक्ष जब यह प्रश्न आया तो उन्होंने सभी देवताओं से यह कहा कि आप सभी अपने-अपने वाहनों की मदद से समस्त ब्रह्माण्ड का एक चक्कर लगाकर आइए और जो इस कार्य को पहले कर लेगा वहीं प्रथम पूजनीय होगा.
शिव जी की बात सुनकर सभी देवता अपने-अपने वाहनों पर ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाने के लिए रवाना हो गए. श्री गणेश भी इस प्रतियोगिता में शामिल थे, हालांकि श्री गणेश ने ब्रह्माण्ड का चक्कर ना लगाते हुए अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती की 7 परिक्रमा लगाई और फिर हाथ जोड़कर उनके समक्ष जाकर वे खड़े हो गए. इसके बाद जब सभी देवता ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाकर शिव जी के पास आए तो शिव जी ने अपने पुत्र भगवान गणेश को इस प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया. सभी देवताओं को आश्चर्य हुआ और उन्होंने इसका करण पूछा. इस पर शिव जी ने कहा कि समस्त ब्रह्माण्ड एवं समस्त लोक में सर्वोच्च स्थान माता-पिता को प्राप्त है और श्री गणेश ने अपने माता-पिता की परिक्रमा की न कि ब्रह्माण्ड की. तब से ही श्री गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूजा जाने लगा.