ड्रग्स केस में रिया चक्रवर्ती की जमानत पर फैसला कल तक के लिए सुरक्षित, आज की रात भी जेल में कटेगी - Jai Bharat Express

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ड्रग्स केस में रिया चक्रवर्ती की जमानत पर फैसला कल तक के लिए सुरक्षित, आज की रात भी जेल में कटेगी

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को बुधवार सुबह मुंबई के भायखला जेल भेजा गया था। मुंबई के एक स्थानीय मजिस्ट्रेट ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती 
को मंगलवार देर रात 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। चूंकि महिला को रात के समय नियमित जेल में नहीं ले जाया जा सकता है लिहाजा रिया को रात में एनसीबी के लॉकउप में ही रखा गया। आज रिया की जमानत को लेकर सेशंस कोर्ट में सुनवाई थी और रिया चक्रवर्ती पर फैसला सुरक्षित रखा गया है और कल फैसला सुनाया जाएगा।
रिया के वकील सतीश मानशिंदे ने सेशंस कोर्ट में कहा कि रिया को जब भी बुलाया गया वो आईं और जांच एजेंसियों का सहयोग किया आगे भी वो सहयोग करेंगी इसलिए उन्हें बेल दी जानी चाहिए।
बता दें, पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मंगलवार को रिया को गिरफ्तार कर लिया लेकिन बाद में हिरासत में लेने से इनकार करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांग ली, जो मंजूर हो गई थी। एनसीबी के उप निदेशक एम.ए.जैन ने कहा, रिया पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8 (सी), 20 (बी)(दो), 22, 27ए, 28 और 29 के तहत ड्रग्स एंगल में उनकी कथित भूमिका के लिए आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उसने अब तक एनसीबी को जो भी जानकारी दी, वह उसकी "गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त" थी।
एनसीबी ने 6 पेज के रिमांड आवेदन में रिया को "ड्रग सप्लाई से जुड़े ड्रग सिंडिकेट के एक सक्रिय सदस्य" बताया, जो "सुशांत सिंह राजपूत के साथ ड्रग्स खरीदने के लिए पैसे का इंतजाम करती थी"। हालांकि इसमें इसका उल्लेख नहीं किया गया कि वह खुद भी ये ड्रग्स लेती थी।
मंगलवार की देर रात रिया को मजिस्ट्रेट के सामने वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश किया गया। जिसमें एक मजिस्ट्रेट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद रिया के वकीलों ने उसी अदालत में जमानत याचिका लगाई, जिसे अस्वीकार कर दिया गया और जमानत के लिए सेशंस कोर्ट जाने को कहा था।
गिरफ्तारी से एक दिन पहले रिया ने सुशांत की बहन प्रियंका सिंह और आरएमएल के डॉ. तरुण कुमार के खिलाफ जाली प्रिस्क्रिप्शन बनाने को लेकर पुलिस शिकायत दर्ज कराई। मुंबई पुलिस के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि यह शिकायत भारतीय दंड संहिता और एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत बांद्रा पुलिस में दर्ज कराई गई और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार इन्हें सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया।