जबलपुर महाराजपुर आधारताल क्षेत्र में करीब 15 करोड़ रूपये बाजार मूल्य की लगभग साढ़े सात एकड़ शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। - Jai Bharat Express

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जबलपुर महाराजपुर आधारताल क्षेत्र में करीब 15 करोड़ रूपये बाजार मूल्य की लगभग साढ़े सात एकड़ शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है।

 भू-माफिया के विरूद्ध प्रशासन ने की बड़ी कार्यवाही 

महारापुर में अवैध कब्जे से मुक्त कराई 15 करोड़ की साढ़े सात एकड़ शासकीय भूमि



जबलपुर :  माफिया के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत कलेक्टर IAS Karmveer Sharma  के निर्देशानुसार आज जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कार्यवाही में महाराजपुर आधारताल क्षेत्र में करीब 15 करोड़ रूपये बाजार मूल्य की लगभग साढ़े सात एकड़ शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है।


 

 तहसीलदार अधारताल प्रदीप मिश्रा के मुताबिक अपर कलेक्टर संदीप जीआर की निगरानी में की गई इस कार्यवाही में महाराजपुर की भूमि सर्वे नम्बर 231/1-2 रकबा 0.830 हेक्टेयर को भू-माफिया डी.एम. मंसूरी के अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। इस भूमि की अनुमानित कीमत साढ़े चार करोड़ रूपये है। शासकीय सीलिंग की इस भूमि पर डी.एम. मंसूरी द्वारा अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। कार्यवाही के दौरान इस भूमि पर की गई फेसिंग और अवैध निर्माण को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया गया।


 तहसीलदार अधारताल ने बताया कि भू-माफिया के विरूद्ध की गई कार्यवाही के तहत आज महाराजपुर में ही सर्वे नम्बर 186/6 रकबा 2 हजार वर्गफुट शासकीय भूमि को महेन्द्र सिंह जावा के अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। इस भूमि की कीमत करीब 20 लाख रूपये आंकी गई है।


 जिला प्रशासन द्वारा पुलिस और नगर निगम के सहयोग से महारापुर में ही आज की गई तीसरी कार्यवाही में शासकीय सर्वे नम्बर 283 की सीलिंग की 4 एकड़ से अधिक भूमि को माफिया कैलाश पटेल के अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। तहसीलदार अधारताल के मुताबिक इस भूमि की कीमत करीब 10 करोड़ रूपये आंकी गई है। 

 तहसीलदार श्री मिश्रा ने बताया कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले इन भू-माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही हेतु पुलिस विभाग को भी पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अनुविभागीय दण्डाधिकारी अधारताल ऋषभ जैन के नेतृत्व में की गई कार्यवाही में नायब तहसीलदार सुषमा धुर्वे, नगर निगम के सहायक आयुक्त वेद प्रकाश, अधारताल थाना के पुलिस बल सहित राजस्व विभाग एवं नगर निगम का अमला मौजूद था।