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गुजरात: 19 साल बाद गोधरा कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, कोच पर पथराव और पेट्रोल डालने में था शामिल

 


गुजरात के पंचमहल जिले के गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन (Sabarmati Express Train)  के कोच में भीड़ द्वारा आग लगाने के मुख्य आरोपी रफीक हुसैन भटुक को गोधरा शहर से गिरफ्तार किया गया है. करीब 19 साल पहले हुई इस घटना में 59 कारसेवकों की मौत हुई थी. एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. पंचमहल जिले की पुलिस अधीक्षक लीना पाटिल ने कहा कि 51 वर्षीय भटुक आरोपियों के उस मुख्य समूह का हिस्सा था जो पूरी साजिश में लिप्त था. भटुक करीब 19 साल से फरार था.

पाटिल ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर गोधरा पुलिस ने रविवार रात को रेलवे स्टेशन के पास स्थित सिग्नल फलिया के एक घर में छापेमारी की और भटुक को वहां से गिरफ्तार किया. उन्होंने कहा, ‘भटुक आरोपियों के उस मुख्य समूह का हिस्सा था जिन्होंने पूरी साजिश रची, भीड़ को उकसाया और ट्रेन के कोच को जलाने के लिए पेट्रोल का इंतजाम किया. जांच के दौरान नाम सामने आने के तुरंत बाद वह दिल्ली भाग गया था. उसके खिलाफ हत्या एवं दंगा फैलाने समेत अन्य आरोप हैं.’ उन्होंने कहा, ‘वह कोच पर पथराव करने और उसमें पेट्रोल डालने में लिप्त था, जिसके बाद अन्य आरोपियों ने कोच में आग लगा दी थी.’ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भटुक गोधरा रेलवे स्टेशन पर मजदूरी करता था.

गोधरा कांड

27 फरवरी 2002 को हुए गोधरा कांड में 59 कारसेवक मारे गए थे, जिसके बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे. 27 फरवरी की सुबह जैसे ही साबरमती एक्सप्रेस गोधरा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, उसके एक कोच से आग की लपटें उठने लगीं और धुएं का गुबार निकलने लगा. साबरमती ट्रेन के S-6 कोच के अंदर भीषण आग लगी थी. जिससे कोच में मौजूद यात्री उसकी चपेट में आ गए. इनमें से ज्यादातर वो कारसेवक थे, जो राम मंदिर आंदोलन के तहत अयोध्या में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे. आग से झुलसकर 59 कारसेवकों की मौत हो गई थी.