Toolkit Case: शांतनु को मिली 10 दिन की अग्रिम जमानत, निकिता जैकब की याचिका पर बुधवार को फैसला - Jai Bharat Express

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Toolkit Case: शांतनु को मिली 10 दिन की अग्रिम जमानत, निकिता जैकब की याचिका पर बुधवार को फैसला



 बॉम्बे हाईकोर्ट ने टूलकिट के मामले में आरोपी एक्टिविस्ट निकिता जैकब की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया है. इस बीच दिल्ली पुलिस का कहना है कि फैसला आने तक उसके ऊपर कार्रवाई नहीं जाएगी. वहीं, आरोपी शांतनु को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 10 दिन की अग्रिम जमानत दे दी. इससे पहले ‘टूलकिट’ को सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में बेंगलुरु से दिशा रवि को गिरफ्तार किया जा चुका है.

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को आरोप लगाया था कि रवि और मुंबई की वकील निकिता जैकब और पुणे के इंजीनियर शांतनु ने ‘टूलकिट’ तैयार की और दूसरों के साथ इसे साझा करके भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की. रवि के ‘टेलीग्राम’ अकाउंट से डेटा भी हटाया गया है. जैकब और शांतनु के खिलाफ भी गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है.

निकिता जैकब ने लिया था बैठक में हिस्सा

संयुक्त पुलिस आयुक्त (साइबर) प्रेम नाथ ने बताया था कि जैकब और शांतनु ने गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा से 15 दिन पहले 11 जनवरी को ‘खालिस्तान समर्थक समूह’ पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएफजे) द्वारा ऑनलाइन जूम ऐप के माध्यम से आयोजित एक बैठक में भाग लिया था. बैठक में ‘ग्लोबल फार्मर स्ट्राइक’ और ‘ग्लोबल डे ऑफ एक्शन, 26 जनवरी’ शीर्षक से टूलकिट बनाने के तौर तरीकों पर फैसला लिया. पुलिस पीटर फ्रेडरिक नामक एक व्यक्ति के जरिए ISI के संबंधों की जांच कर रहे हैं, जिसका नाम दस्तावेज में है और जिसे संगठन के एक संचालक के साथ जुड़ा हुआ माना जाता है.

दिल्ली पुलिस ने मांगी जूम ऐप से जानकारी

दिल्ली पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एप ‘जूम’ को पत्र लिख कर, कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक एक समूह द्वारा किसानों के प्रदर्शन के समर्थन में ‘टूलकिट’ तैयार करने के लिए 11 जनवरी को आयोजित ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए लोगों के संबंध में जानकारी मांगी है. पुलिस ने आरोप लगाया है कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा से कुछ दिन पहले ‘जूम’ ऐप पर आयोजित बैठक में मुम्बई की वकील निकिता जैकब और पुणे के इंजीनियर शांतनु सहित 70 लोगों ने हिस्सा लिया था. इस हिंसा में 500 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हुई थी.