कैंट बोर्ड में नौकरी लगाने के नाम पर रूपये लेकर फर्जी ज्वाईनिंग लैटर देने वाला आरोपी गिरफ्तार - Jai Bharat Express

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कैंट बोर्ड में नौकरी लगाने के नाम पर रूपये लेकर फर्जी ज्वाईनिंग लैटर देने वाला आरोपी गिरफ्तार

 कैंट बोर्ड में नौकरी लगाने के नाम पर रूपये लेते हुये कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी ज्वाईनिंग लैटर देते धोखाधड़ी करने वाला कैंट बोर्ड से निष्काषित राजबंधू गौड़ गिरफ्तार, कब्जे से खाखी ड्रेस, कम्प्यूटर हार्ड डिस्क, प्रिंटर, दस्तावेज जप्त



जबलपुर | थाना कैंट में दिनांक 11-2-21 की रात लगभग 8-30 बजे किशन लाल केवट उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम निभौरा पनागर ने रिपोर्ट दर्ज करायी कि वह औषधि उत्पादन का काम करता है उसके नाती राम प्रसाद केवट, आजाद केवट और दामाद ब्रजेश केवट जबलपुर में मजदूरी करते हैं तथा औषधि फार्म में उसकी सहायता करते हैं जिन्होंने उसे बताया था कि राजबंधू गोंड नाम का व्यक्ति हमें केण्ट बोर्ड के केंटीन या पम्प हाउस में नौकरी दिलवाने वाला है और दिनांक 6-2-21 को ज्वानिंग लेटर लेने के लिये बुलाया है, वह भी इन लोगों के साथ दिनांक 6-2-21 को ज्वाइनिंग लेटर लेने जबलपुर आया जहां राजबंधू गोंड हमे शिवाजी ग्राउंड के पास मिला जिसने तीनों को उसके सामने ज्वाइनिंग लेटर दिया जिसके ऊपर केंन्टोन्मेन्ट बोर्ड आफिस लिखा था, सीईओ केन्टोन्मेन्ट बोर्ड जबलपुर के साईन और दिनांक 10-2-21 से हेल्पर के पद पर नियुक्ति का लिखा हुआ था । दिनांक 10-2-21 को वह तीनों  के साथ उनकी ज्वाइनिंग के लिये केण्ट बोर्ड आया वहां पर इसी तरह का ज्वाइनिंग लेटर लिये हुये अन्य कई लोग भी मौजूद थे हमे राजबंधू केण्ट बोर्ड के गेट पर मिला कहने लगा कि अंदर तुम लोगों को बाद में ले जाऊंगा इसी वजह से उसेे राजबंधू गोंड़ पर संदेह हुआ तो दिनांक 11-2-21 को हम लोग मिलेट्री इंटलिजेंस के अधिकारियों से मिले और ज्वाइनिंग लेटर दिखाया तो उन्हौंनें बताया कि यह लेटर फर्जी है । राजबंधू गोंड़ द्वारा कैंट बोर्ड में नौकरी लगाने का कहते हुये कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ज्वाईनिंग लैटर देते धोखाधड़ी की गयी है। शिकायत पर आरोपी राजबंधू गोंड के विरूद्ध धारा 420, 465, 467, 468 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।

                      

थाना प्रभारी कैंट विजय तिवारी ने बताया कि सरगर्मी से तलाश कर आरोपी राजबंधू गोंड उम्र 38 वर्ष निवासी लालमाटी गोपाल होटल घमापुर को अभिरक्षा लेते हुये सघन पूछताछ की गयी तो पाया गया कि राजबंधू गौड कैंट बोर्ड मे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था, जिसे निष्काषित कर दिया गया था। राजबंधू गौड घमापुर स्थित अपने परिचित सौरव नाम के व्यक्ति की कम्प्यूटर की दुकान पर खाखी ड्रैस पहनकर जाता था तथा यह कहते हुये कि सी.इ्र्र.ओ. कैंट साहब ने जॉइनिंग  लैटर बुलवाया है, जल्दी बनाकर दे दो, जॉइनिंग  लैटर बनवाता था। राजबंधू गौड की निशादेही पर कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क, प्रिंटर, एवं खाखी ड्रेस तथा फर्जी ज्वाईनिंग लैटर एवं अभ्यार्थियों द्वारा दिये गये दस्तावेजों की फोटो काॅपी जप्त की गयी है।  

कुंदन केवट, मोतीलाल केवट, शिवम केवट, मनोज कहार से 1 लाख 5 हजार 700 रूपये कैंट बोर्ड में नौकरी लगाने के नाम पर लिये गये  हैं इसके साथ ही और भी कुछ लोगों को नौकरी लगाने का झांसा देते हुये उनसे 1000-500 खर्चापानी लेता रहता था। उक्त फर्जीवाडे का पर्दाफाश करने मे आर्मी इंटेलीजेंस की भी सराहनीय भूमिका रही।