Toolkit Case: दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि की जमानत याचिका का किया विरोध, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी - Jai Bharat Express

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Toolkit Case: दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि की जमानत याचिका का किया विरोध, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी



 किसानों के प्रदर्शन से जुड़े ‘टूलकिट’ मामले (Toolkit Case) में गिरफ्तार क्लाइमेट एक्टविस्ट दिशा रवि (Disha Ravi) की जमानत याचिका दिल्ली पुलिस ने विरोध किया. याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि दिशा रवि को सह-आरोपियों के साथ बैठाकर पूछताछ करवानी है. आरोपी शांतनु को 22 फरवरी के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है. इसलिए दिल्ली पुलिस की तरफ से दिशा रवि को 3 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए इरफान अहमद ने कोर्ट में कहा कि दिशा रवि को हमारे ही आग्रह पर जेल भेजा गया. उन्होंने कहा, “हमने 22 फरवरी को पूछताछ के लिए शांतनु को नोटिस जारी किया है. हमें आगे की रिमांड लेकर बाकी के साथ दिशा का आमना सामना करना है. लिहाजा दिशा की ओर से लगाई गई जमानत अर्जी प्रीमेच्योर है.”

दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, जिन्हें हम सील बंद लिफाफे में देना चाहते हैं. कोर्ट ने सवाल किया कि आपकी दलील को हम रिकॉर्ड करेंगे लेकिन कल का आदेश कैसे हमें आज जमानत अर्जी सुनने से रोक रहा है. जज ने कहा आप वो दस्तावेज दाखिल करें. और दिल्ली पुलिस से पूछा कि दिशा रवि को किन धाराओं में गिरफ्तार किया गया है.

मामले में सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसीटर जनरल एसवी राजू वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ने कहा कि वे हलफनामा दाखिल करेंगे. उन्होंने कहा, “कनाडा में एक प्रो खालिस्तान संगठन है- पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन. इसका मकसद किसान आंदोलन की आड़ में देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देना है. एमओ धालीवाल इसका हेड है. इसका मकसद एक अलग देश का है.”

दिल्ली पुलिस का दिशा पर बड़ा आरोप

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि एमओ धालीवाल की तरफ से सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थन में पेज बनाया गया था. वहीं भारत सरकार के खिलाफ कैंपन चलाया जा रहा था. यह कैंपेन इंस्टाग्राम पर भी चलाया जा रहा था. दिशा रवि की तरफ से किसानों को लेकर एक ग्रुप बनाया गया, जिसमें लोगों को भ्रमित किया गया. इस ग्रुप में हजारों लोगों को शामिल किया. किसान रैली को लेकर सोशल मीडिया पर पूरी भूमिका बनाई गई.

दिशा रवि के वकील ने दिल्ली पुलिस की तरफ से जो भी आरोप लगाया गया है, वो सामग्री अभी भी वहां मौजूद है. दिल्ली पुलिस ने कहा जो सामग्री सील बंद लिफाफे में दी गई है वो बेबसाइट पर मौजूद नहीं है.

दिल्ली पुलिस ने कहा कि वेबसाइट पर लोगों से कहा जा रहा था कि जो झंडा फहराएगा उसको इनाम दिया जाएगा. भारत सरकार के खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही थी. कुछ ईमेल को डिलीट किया गया. 26 जनवरी वाले दिन पेम्पलेट तैयार किए गए थे. इसकी पहले से तैयारी की जा चुकी थी कि कैसे दिल्ली पुलिस के जवानों से निपटना है. टूल किट पर सभी जानकारी शेयर की गई थी.