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असम का गमछा पहन पीएम मोदी ने AIIMS में लिया Bharat Biotech COVAXIN का पहला डोज



 देश में 60 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एम्स पहुंचकर कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक ली।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कोविड-19 टीके की पहली खुराक ली और उन सभी लोगों से टीका लगवाने की अपील की, जो दूसरे चरण के टीकाकरण अभियान के तहत इसकी पात्रता रखते हैं।     

सूत्रों के मुताबिक, पुडुचेरी की रहने वाली सिस्टर पी निवेदा ने मोदी को भारत बायोटेक के कोवैक्सीन टीके की पहली खुराक लगाई।     

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैंने एम्स में कोविड-19 टीके की पहली खुराक ली। कोविड-19 के खिलाफ वैिक लड़ाई में हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने बहुत कम समय में असाधारण काम किया है।’’  उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन सभी लोगों से कोरोना वायरस का टीका लगवाने की अपील करता हूं, जो इसके पात्र हैं। हम सब मिलकर भारत को कोविड-19 से मुक्त बनाएंगे।’’   

दूसरे चरण के टीकाकरण अभियान के तहत, एक मार्च से वरिष्ठ नागरिकों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जाएगा।     

टीकाकरण के लिए लोग कोविन टू-पाइंट जीरो पोर्टल या आरोग्य सेतु जैसे अन्य आई टी ऐप्लीकेशन पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे।     

प्रधानमंत्री ने ट्वीट के साथ ही टीका लगवाते हुए अपनी एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह असमिया गमछा पहने दिख रहे हैं और मुस्कुराते हुए टीका लगवा रहे हैं। यह गमछा, असम की महिलाओं के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। कई मौकों पर प्रधानमंत्री मोदी को इसे पहने हुए देखा गया है। उनके साथ इस तस्वीर में सिस्टर निवेदा के अलावा केरल की रहने वाली एक अन्य नर्स रोसम्मा अनिल भी दिख रही हैं।      

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6.25 मिनट पर कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाया। आधे घंटे तक उन्हें निगरानी में रखा गया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी सुबह सात बजे एम्स से अपने 7 लोक कल्याण मार्ग वापस लौटे।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के एम्स पहुंचने के दौरान किसी भी रास्ते को बंद नहीं किया गया और ना ही यातायात को रोका गया। लोगों को परेशानी न हो, इसलिए उन्होंने टीके के लिए सुबह का समय चुना।