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“क्या तुम उससे शादी करोगे?”, इस सवाल को गलत तरीके से रिपोर्ट किया गया: चीफ जस्टिस एसए बोबडे

 


सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे (S A Bobde) की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने सोमवार को कहा कि “क्या तुम उससे शादी करोगे?” सवाल को गलत तरीके से रिपोर्ट किया गया और सुप्रीम कोर्ट तथा जजों की छवि को खराब करने की कोशिश की गई. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि “हम महिलाओं का सबसे ज्यादा सम्मान करते हैं.” इस बेंच में सीजेआई के अलावा जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमणयम भी थे.

पिछले सप्ताह रेप मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रेप के आरोपी से सवाल किया था कि क्या वो पीड़िता से शादी करेगा, जिसे लेकर सीजेआई और कोर्ट की काफी आलोचना की गई थी. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंच ने कहा कि आरोपी याचिकाकर्ता से मामले के संदर्भ में यह सवाल किया गया था कि क्या वह पीड़िता से शादी करेगा. उससे यह नहीं कहा गया था कि “जाकर उससे शादी करे.” सीजेआई बोबडे ने कहा, “कोर्ट का कार्यवाही को गलत तरीके से रिपोर्ट किया गया.”

सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों ने भी पिछले बुधवार को कहा था कि चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच द्वारा पूछा गया सवाल ‘न्यायिक रिकॉर्ड’ पर आधारित था जो उस व्यक्ति के हलफनामे में शामिल था कि वह नाबालिग लड़की (रिश्तेदार) के 18 साल के हो जाने पर उससे विवाह करेगा. बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने भी सुप्रीम कोर्ट का बचाव करते हुए कहा कि वे सर्वोच्च न्यायपालिका को “बदनाम” ना करें और उसकी कार्यवाहियों का इस्तेमाल “राजनीतिक फायदे” के लिए नहीं करें.

महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने की थी निंदा

सीपीएम नेता वृंदा करात ने चीफ जस्टिस को इस संबंध में पत्र लिखकर उनसे अपनी यह टिप्पणी वापस लेने को कहा था. कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर एक मार्च को सुनवाई करते हुए कथित रूप से यह टिप्पणी की थी. कई महिला अधिकार कार्यकर्ताओं, नागरिकों, बुद्धिजीवियों, लेखकों और कलाकारों ने भी चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मांग की थी कि वह माफी मांगे और इन टिप्पणियों को वापस लें.

सुप्रीम कोर्ट बेंच ने आरोपी से पूछा था, ‘‘क्या तुम उससे (पीड़िता) से शादी करने के इच्छुक हो. अगर उसके साथ तुम्हारी शादी करने की इच्छा है तो हम इस पर विचार कर सकते हैं, नहीं तो तुम्हें जेल जाना होगा.’’ बेंच ने आरोपी से यह भी कहा था, ‘‘हम तुम पर शादी करने का दबाब नहीं बना रहे हैं .’’ इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि आरोपी पीड़िता के साथ शुरुआत में विवाह करने का इच्छुक था लेकिन लड़की ने इनकार कर दिया था और अब उसकी शादी किसी और से हो गयी है.