School in MP : एक अप्रैल से नहीं शुरू हो पाएगा स्कूलों का नया सत्र , परीक्षा को लेकर भी चिंता - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

School in MP : एक अप्रैल से नहीं शुरू हो पाएगा स्कूलों का नया सत्र , परीक्षा को लेकर भी चिंता

 


भोपाल।  School in MP। मध्य प्रदेश में इस साल भी नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से नहीं हो सकेगी। नवीन शैक्षणिक सत्र एक जुलाई के बाद ही शुरू हो सकेंगे। हालांकि स्कूल शिक्षा विभाग ने अभी इस संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किए है।

दरअसल शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की समीक्षा बैठक के बाद 31 मार्च तक प्रदेश में सभी स्कूल-कालेज 31 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं स्कूलों में नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से करने की तैयारी की जा रही थी। अब 31 मार्च तक स्कूल बंद रहेंगे तो एक अप्रैल से नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नहीं हो सकेगी।

दूसरी तरफ 30 अप्रैल से दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं भी शुरू होनी है। इसी बीच नौवीं व ग्यारहवीं की परीक्षा भी अप्रैल में संपन्न् होगी। ऐसे में एक अप्रैल से नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नहीं हो पाएगी। दूसरी तरफ लोग शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) की आयुक्त जयश्री कियावत ने शुक्रवार को आदेश जारी कर कहा कि दसवीं व बारहवीं की कक्षा सुबह 9 से शाम पांच बजे तक आयोजित की जा रही है। इसके लिए विद्यार्थियों को लिए स्वल्पहार की व्यवस्था शाला निधि से की जाएगी, हालांकि अब ये कक्षाएं 31 मार्च के बाद शुरू हो सकेंगी। वहीं पहली से आठवीं तक की ऑनलाइन परीक्षाएं जारी है। 31 मार्च को परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।

बोर्ड परीक्षा के कारण 8 घंटे की कक्षाएं शुरू की गई

डीपीआई ने अभी हाल में एक आदेश जारी कर यह निर्देश दिए कि कोरोना काल में स्कूल खुले नहीं। 18 दिसंबर से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू की गई है। ऐसे मेंसिर्फ परीक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति करीब 95 फीसद तक रह रही है। इसके बाद नियमित कक्षाओं में करीब 30 से 40 फीसद उपस्थिति रह रही है। इससे इस बार नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। इस कारण अब आठ घंटे कक्षाएं लगाई जाएंगी।