शोध : कोरोना संक्रमण से बचा सकता है माउथवाश, दांत-मसूढ़ों को रखें स्वच्छ - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

शोध : कोरोना संक्रमण से बचा सकता है माउथवाश, दांत-मसूढ़ों को रखें स्वच्छ



लंदन। वैश्विक महामारी कोविड संक्रमण से जहां पूरा विश्व परेशान है वहीं वैज्ञानिकों द्वारा जारी शोध भी हर दिन राहत व सुरक्षा की कड़ी जोड़ने में जुटे हैं। ताजा शोध के अनुसार अगर दांत व मुंह की स्वच्छता का ख्याल रखा जाए तो कोरोना संक्रमण से बचाव में मदद मिल सकती है, इसमें आपका माउथवाश बेहतर मददगार हो सकता है। इससे वायरस को मुंह से फेफड़ों तक जाने से रोकने में मदद मिलती है।

ओरल मेडिसिन एंड डेंटल रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित ताजा शोध में कहा गया है कि सार्स-कोव-2 वायरस को निष्‍क्र‍िय करने में माउथवाश से प्रभावी साबित हो रहा है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा है कि अगर कोई मसूड़ों की समस्या से पीड़ित है तो कोरोना वायरस सीधे रक्त में पहुंच जाता है। इसी तरह दांत संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों में यह कोरोना वायरस मुंह के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकता है। मसूढ़ों रक्त के रिसाव के कारण लार और रक्त के द्वारा सीधे तौर पर शरीर में प्रवेश कर जाता है।

दांत की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए कोविड संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है, ऐसा अध्‍ययन में पाया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार मुंह को साफ रखने के साथ ही दांत व मसूढ़ों की सेहत का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। जिससे इस संक्रमण से लड़ने में प्रभावी रूप से मदद मिलेगी। ब्रिटेन की बर्मिघम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इयान चैपल ने कहा कि हमें यह भी समझने की आवश्यकता है कि कोरोना संक्रमण से कुछ लोग क्यों फेफड़ों की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अध्ययन के नतीजे से महामारी से निपटने का तरीका भी बदल सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार महज मुंह की स्वच्छता का ध्यान रखने से कोरोना संक्रमण के गंभीर होने से बचा जा सकता है। यह सभी के लिए आसान और किफायती तरीका है, इससे कई लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है