CoWIN Global Conclave: पीएम मोदी ने कहा- दूसरे देशों को भी मिलेगी 'कोविन प्लेटफार्म' की सुविधा - Jai Bharat Express | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express  | हिंदी न्यूज़ पोर्टल | जबलपुर एवं मध्यप्रदेश की ताज़ा खबरें

Jai Bharat Express एक हिंदी समाचार पोर्टल है, जहाँ जबलपुर, मध्यप्रदेश, देश, राजनीति, अपराध, प्रॉपर्टी, व्यापार, शिक्षा एवं ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं। निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ समाचारों के लिए Jai Bharat Express पढ़ें।

Breaking

CoWIN Global Conclave: पीएम मोदी ने कहा- दूसरे देशों को भी मिलेगी 'कोविन प्लेटफार्म' की सुविधा



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि कोविड टीकाकरण के लिए तैयार किये गये कोविन प्लेटफार्म को ओपन सोर्स बनाया जा रहा है जिससे दुनिया भर को इसका लाभ मिल सके।

मोदी ने सोमवार को कोविन वैश्विक सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने पूरे विश्व को हमेशा एक परिवार की तरह माना है। इस महामारी ने भी बहुत लागों को इस दर्शन में निहित सच्चाई का अहसास कराया है।

उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए अब सरकार ने निर्णय लिया है कि कोविड टीकाकरण के प्लेटफार्म को ओपन सोर्स बनाया जाना चाहिए जिससे दुनिया का कोई भी देश इससे लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम किया जा रहा है और जल्द ही दुनिया इस प्रौद्योगिकी का फायदा उठा सकेगी।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के शुरू में महामारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पिछले सौ वर्षों में इससे पहले कभी इस तरह की महामारी का दुनिया ने सामना नहीं किया। अनुभवों से यह सिद्ध हो गया है कि चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली राष्ट्र हो वह अकेला इस चुनौती से नहीं निपट सकता। इस महामारी के शुरू से ही भारत ने अपना सभी अनुभव, विशेषज्ञता और संसाधन वैश्विक समुदाय के साथ साझा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

उन्होंने कहा कि तमाम सीमाओं के बावजूद भारत ने कोविड -19 के खिलाफ अभियान में प्रौद्योगिकी और अन्य चीजें सबके साथ यथासंभव साझा करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि सोफ्टवेयर के मामले में किसी तरह की सीमा नहीं है इसलिए हमने कोविड का पता लगाने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क का पता लगाने से संबंधित एप को जहां तक संभव हुआ ओपन सोर्स बना दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महामारी से लड़ने के लिए टीकाकरण आशा की सबसे बड़ी किरण है। भारत ने शुरू से ही इससे निपटने के लिए पूरी तरह से डिजिटल दृष्टिकोण अपनाया और टीकाकरण सहित हमारी सभी योजनाएं इसी पर आधारित हैं।